क्रांतिकारी गीतों की गूंज से याद किए गए भगत सिंह, संगीतमय नाटिका ने बांधा समां

Untitled 4 copy 20

लखनऊ। अमर शहीद भगत सिंह के बलिदान दिवस पर राजधानी लखनऊ में आयोजित एक विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति ने दर्शकों को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिकारियों के जज्बे और संघर्ष को दर्शाती संगीतमय नाटिका ‘शहीदों ने लौ जगाती जो’ का मंचन संत गाडगे महाराज प्रेक्षागृह, गोमतीनगर में किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों में जोश और उत्साह भर दिया। डॉ. उर्मिल कुमार थपलियाल फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस नाटिका का निर्देशन रितुन थपलियाल ने किया। यह प्रस्तुति केवल एक नाटक नहीं बल्कि क्रांतिकारी गीतों का एक ऐसा संगम रही, जिसने आज़ादी के दौर की पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को जीवंत कर दिया।

ये भी पढ़ें

कानपुर जेल परिक्षेत्र के DIG को नहीं दिखता झांसी जेल का भ्रष्टाचार!

नाटिका में “मेरी जां न रहे मेरा सर न रहे”, “झंडा ऊंचा रहे हमारा” जैसे अनेक प्रतिबंधित क्रांतिकारी गीतों को शामिल किया गया, जिन्हें ब्रिटिश शासन के खिलाफ आवाज बुलंद करने के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया। इन गीतों को एक कथा सूत्र में पिरोते हुए उस काल्पनिक जेल का चित्रण किया गया, जहां अंग्रेजों ने क्रांतिकारियों को बंद कर रखा था। प्रस्तुति में दिखाया गया कि कैसे बंदी क्रांतिकारी अपनी पीड़ा के बीच भी गीत-संगीत के माध्यम से आज़ादी का जश्न मनाते हैं और अपने बलिदान को स्वीकार करते हैं। अंग्रेजों की यातनाओं और एक क्रांतिकारी की प्राणाहुति के बाद अन्य कैदियों का आक्रोश चरम पर पहुंचता है और वे अंततः जेल से भाग निकलते हैं।

ये भी पढ़ें

आस्था और परंपरा का अद्भुत संगम: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगाई गोवर्धन परिक्रमा

नाटिका में श्यामलाल गुप्ता ‘पार्षद’, साहिर लुधियानवी, इकबाल सहित कई प्रसिद्ध और अज्ञात रचनाकारों के गीतों को शामिल किया गया। इन गीतों को प्रभावशाली संकलन और संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया, जिससे पूरा मंच जीवंत हो उठा। निर्देशक रितुन थपलियाल ने न केवल वेशभूषा और मंच सज्जा पर ध्यान दिया, बल्कि कलाकारों की शारीरिक अभिव्यक्ति, संवाद अदायगी और लय-ताल के संतुलन से प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाया। नाटिका में सोम गाँगुली ने सूत्रधार की भूमिका निभाई, जबकि विभिन्न कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को जीवंत कर दिया। मंच पर संगीत, अभिनय और संवादों के समन्वय ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतेंदु नाट्य अकादमी के अध्यक्ष रति शंकर त्रिपाठी रहे। यह संगीतमय प्रस्तुति न केवल भगत सिंह और अन्य क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि थी, बल्कि युवाओं को देशभक्ति और इतिहास से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी साबित हुई।

ये भी पढ़ें

योग की आड़ में नकली नोटों का धंधा

Spread the love

Computer
Central UP

युवाओं के लिए बड़ी पहल, दस्तक फाउंडेशन ने शुरू किया कंप्यूटर और AI प्रशिक्षण केंद्र

विजय श्रीवास्तव Computer दस्तक फाउंडेशन के तत्वावधान में ‘दस्तक कंप्यूटर स्किलिंग सेंटर’ का शुभारंभ हर्षोल्लास के साथ किया गया। सेंटर का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं, विद्यार्थियों, महिलाओं और आम नागरिकों को कम शुल्क में आधुनिक कंप्यूटर एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि […]

Spread the love
Read More
Businessman
Central UP

व्यापारी की पहचान सम्मान के साथ हो: संदीप बंसल

Businessman लालबाग ऑटोमोबाइल एसोसिएशन का गठन लखनऊ। लालबाग हजरतगंज परिक्षेत्र में तीन सितंबर स्वदेशी व्यापारी कुंभ की तैयारियों के संदर्भ में व्यापारी जोड़ों सदस्यता एवं संपर्क अभियान को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप बंसल ने कहा कि स्वदेशी व्यापारी कुंभ का मुख्य उद्देश्य व्यापारी की पहचान को बदलना, […]

Spread the love
Read More
Election
Central UP homeslider

प्रत्येक बूथ को मजबूत किया जाए: जिलाध्यक्ष

Election बूथ अध्यक्ष प्रत्येक बूथ पर 20 मतदाता बढ़ाने में जुटे सपा जिला पदाधिकारियो की समीक्षा बैठक लखनऊ। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय कैसरबाग पर पदाधिकारियों की मासिक बैठक आहूत की गयी। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष जयसिंह ‘जयन्त’ ने की। बैठक का संचालन जिला महासचिव शब्बीर अहमद खान ने किया। बैठक को सम्बोधित करते […]

Spread the love
Read More