
लखनऊ। मथुरा के पवित्र तीर्थस्थल मथुरा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोवर्धन पर्वत की 21 किलोमीटर लंबी पैदल परिक्रमा कर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। ऐसा करने वाली वे स्वतंत्र भारत की पहली राष्ट्रपति बन गई हैं। भक्ति और सादगी का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रपति का यह कदम करोड़ों श्रद्धालुओं और देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जा रहा है।
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गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा हिंदू आस्था में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, जहां भक्त गिरिराज जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। राष्ट्रपति द्वारा इस प्रकार की परिक्रमा करना न केवल उनकी आस्था और संस्कृति के प्रति समर्पण को दर्शाता है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि ऊंचे से ऊंचा पद होने के बावजूद भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति जुड़ाव सर्वोपरि है।
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