- पैसे के लिए भाजपा कार्यालय पहुंचते ही हंगामे से मचा बवाल
- “LIC के नाम पर ठगी, चिटफंड में पैसा डाला-पीड़िता बोली ‘बस मेरा पैसा दिला दो’,
- पुलिस पर भी बदसलूकी का आरोप”
उमेश चन्द्र त्रिपाठी
नौतनवां/महराजगंज। महाराजगंज जिले के नौतनवां कस्बे में एक बुजुर्ग महिला की पीड़ा उस वक्त गुस्से में बदल गई, जब अपने ही पैसे के लिए लंबे समय से भटकने के बाद वह भाजपा कार्यालय पहुंच गईं, जहां अचानक हंगामा खड़ा हो गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। पीड़िता निर्मला वर्मा ने आरोप लगाया कि उनसे LIC में निवेश के नाम पर करीब 6 लाख रुपये लिए गए, लेकिन बाद में वह पैसा किसी चिटफंड कंपनी में जमा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से ही वह अपने पैसे के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन आरोपी बृजेंद्र श्रीवास्तव लगातार टालमटोल करता रहा। पैसे मांगने पर उनके साथ गाली-गलौज की गई, कई बार भगा दिया गया और यहां तक कि मारपीट की घटना भी सामने आई।

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निर्मला वर्मा ने अपनी गंभीर आर्थिक स्थिति बताते हुए कहा कि उनका पोता बीमार है और बेटियों की शादी की जिम्मेदारी भी है, जिसके कारण उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है। उनका कहना है कि किसी भी तरह उनका पैसा वापस दिलाया जाए। वहीं, उनके बेटे सुधांशु वर्मा, जो खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताते हैं, ने आरोप लगाया कि आरोपी व्यक्ति राजनीतिक संरक्षण के सहारे कई लोगों से ठगी कर चुका है। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे के इलाज में 90 लाख से 1 करोड़ रुपये तक खर्च हो चुके हैं और जब और पैसों की जरूरत पड़ी, तब यह मामला सामने आया। सुधांशु के अनुसार आरोपी ने गलत रसीद देकर गुमराह किया और विरोध करने पर दबाव बनाने के लिए FIR तक दर्ज करवाई।
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बताया जा रहा है कि पीड़िता को जानकारी मिली थी कि आरोपी भाजपा कार्यालय में किसी कार्यक्रम में मौजूद है, जिसके बाद वह वहां पहुंचीं और पैसे की मांग की। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और हंगामा शुरू हो गया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह शांत कराया। परिवार ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि पुलिस का रवैया ठीक नहीं था तथा मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है। पीड़ित परिवार ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उनका पैसा जल्द से जल्द वापस दिलाया जाए।
