नया लुक डेस्क
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच एक बेहद विवादित बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका का पहला लक्ष्य ईरान को “पूरी तरह खत्म करना” है और इसके बाद अगला निशाना क्यूबा हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वॉशिंगटन को ईरान के अगले नेतृत्व के चयन में भी भूमिका निभानी चाहिए।
ईरान युद्ध को बताया पहली प्राथमिकता
व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस समय पूरी तरह ईरान पर केंद्रित है। उनका कहना था कि युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका अन्य देशों की ओर भी ध्यान दे सकता है। ट्रंप ने कहा, “हम पहले ईरान को खत्म करना चाहते हैं, उसके बाद बाकी चीजों पर ध्यान दिया जाएगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और ईरान की सैन्य क्षमताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
ये भी पढ़ें
शरीर में कौन-कौन से विटामिन की कमी से होती है सुबह की कमजोरी?
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
ईरान के अगले नेता पर भी अमेरिका की नजर
ट्रंप ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका को ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में भी भूमिका निभानी चाहिए। उनके मुताबिक नया नेतृत्व ऐसा होना चाहिए जो भविष्य में युद्ध की राह पर न जाए। उन्होंने संकेत दिया कि वे ईरान के मौजूदा सत्ता ढांचे में बदलाव के पक्ष में हैं और अमेरिका को वहां राजनीतिक परिवर्तन में भूमिका निभानी चाहिए। वेनेजुएला जैसा मॉडल अपनाने की बात ट्रंप ने कहा कि ईरान के मामले में वे उसी तरह का मॉडल अपनाना चाहते हैं जैसा उन्होंने वेनेजुएला के मामले में अपनाने की कोशिश की थी। यानी सैन्य और राजनीतिक दबाव के जरिए नए नेतृत्व के उभरने में अमेरिका की भूमिका हो सकती है। रिपोर्टों के मुताबिक ट्रंप ने कहा कि ईरान के भविष्य के नेतृत्व के चयन में अमेरिका को “कहने का अधिकार” होना चाहिए।
ये भी पढ़ें
अमेरिकी-इजराइली कार्रवाई पर ट्रंप का दावा
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी और इजराइली सेनाएं युद्ध में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना अपने शानदार इजराइली सहयोगियों के साथ मिलकर दुश्मन को तय समय से पहले ही खत्म कर रही है। ट्रंप के मुताबिक ईरान की सैन्य क्षमताएं बुरी तरह कमजोर हो चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के पास अब न तो प्रभावी वायुसेना बची है और न ही मजबूत हवाई रक्षा प्रणाली। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने तीन दिनों में ईरान के 24 जहाजों को नष्ट कर दिया है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ट्रंप का दावा-ईरान समझौता चाहता है ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी नेता अब युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, “वे फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि समझौता कैसे किया जाए। मैंने कहा कि आप थोड़ा देर कर रहे हैं, क्योंकि अभी हम उनसे ज्यादा लड़ना चाहते हैं। हालांकि ईरान की शीर्ष नेतृत्व बार-बार कह चुका है कि वह अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं है।
ये भी पढ़ें
पतंगबाज कर रहे सिस्टम का पोस्टमार्टम: गला काट रहा चाइनीज मांझा
खामेनेई की मौत के बाद नेतृत्व संकट
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद देश में नेतृत्व को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पश्चिमी मीडिया में उनके बेटे मुजतबा खामेनेई का नाम संभावित उत्तराधिकारी के रूप में सामने आ रहा है,हालांकि ईरान की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ट्रंप के ताजा बयानों से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि वह ईरान की भविष्य की राजनीतिक व्यवस्था और नेतृत्व संरचना को भी प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।
