पूर्वोत्तर भारत के असम से एक दुखद खबर सामने आई है । जहां भारतीय वायुसेना का एक अत्याधुनिक सुखोई लड़ाकू विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में विमान में सवार दो बहादुर पायलट शहीद हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है और सेना तथा प्रशासन ने मौके पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक यह लड़ाकू विमान असम के जोरहाट एयरबेस से एक नियमित प्रशिक्षण मिशन पर उड़ान भरा था। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान का संपर्क रडार से टूट गया, जिससे वायुसेना के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। अंतिम बार विमान से शाम करीब 7 बजकर 42 मिनट पर संपर्क हुआ था। इसके बाद विमान अचानक रडार से गायब हो गया।
ये भी पढ़ें
शरीर में कौन-कौन से विटामिन की कमी से होती है सुबह की कमजोरी?
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
कुछ समय बाद जानकारी सामने आई कि विमान असम के कार्बी आंगलॉन्ग जिले के पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह स्थान जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही भारतीय वायुसेना, स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने आसमान में एक लड़ाकू विमान को तेजी से नीचे आते देखा था। कुछ ही पलों बाद जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटनास्थल से मलबा मिलने के बाद विमान के क्रैश होने की पुष्टि हो गई।
ये भी पढ़ें
पतंगबाज कर रहे सिस्टम का पोस्टमार्टम: गला काट रहा चाइनीज मांझा
इस दुर्घटना में शहीद हुए पायलटों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगाकर के रूप में हुई है। दोनों पायलट भारतीय वायुसेना के बहादुर और अनुभवी अधिकारी थे, जो प्रशिक्षण मिशन पर तैनात थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि देश ने दो साहसी सैनिकों को खो दिया है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने शहीद पायलटों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि देश इस कठिन समय में उनके साथ खड़ा है।
ये भी पढ़ें
पतंगबाज कर रहे सिस्टम का पोस्टमार्टम: गला काट रहा चाइनीज मांझा
