आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और बदलती खानपान की आदतों ने मधुमेह यानी Diabetes को आम समस्या बना दिया है। जब शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता, तो खून में ग्लूकोज का स्तर बढ़ने लगता है। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहे तो हृदय, किडनी और आंखों पर गंभीर असर पड़ सकता है। आयुर्वेद में डायबिटीज को केवल दवा से नहीं, बल्कि जड़ी-बूटियों और जीवनशैली सुधार के जरिए संतुलित करने पर जोर दिया जाता है। कई आयुर्वेदिक विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ प्राकृतिक चीजों का नियमित सेवन ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है।
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मेथी दाना: रात में एक चम्मच मेथी दाना पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट सेवन करने से ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म बेहतर हो सकता है।
जामुन: जामुन के बीजों का चूर्ण पारंपरिक रूप से शुगर कंट्रोल में उपयोग किया जाता है। इसे दही या गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है।
करेला: कड़वे स्वाद वाला करेला शरीर में शुगर लेवल संतुलित रखने में सहायक माना जाता है। इसका जूस या सब्जी दोनों लाभकारी हो सकते हैं।
आंवला और हल्दी: आंवला एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जबकि हल्दी सूजन कम करने में मदद करती है। दोनों का संयोजन मेटाबॉलिज्म को बेहतर बना सकता है।
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सदाबहार के फूल: इसकी पत्तियों का सीमित और विशेषज्ञ की सलाह से उपयोग किया जाता है। इसके साथ रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलना, योग करना और जंक फूड से दूरी बनाना जरूरी है। हालांकि किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना अनिवार्य है।
