मानसून के समय बढ़ जाता है UTI का रिस्क, बरतें सावधानी

लखनऊ । बारिश का मौसम जहां प्रकृति को ताज़गी और हरियाली प्रदान करता है, वहीं यह हमारी सेहत के लिए कुछ चुनौतियां भी लेकर आता है। विशेष रूप से इस मौसम में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है। यू.टी.आई एक आम संक्रमण है, जो हमारे यूरिनरी सिस्टम को प्रभावित करता है, जिसमें किडनी, ब्लैडर, मूत्रमार्ग और महिलाओं में गर्भाशय के आस-पास के हिस्से शामिल होते हैं। बढ़ती आर्द्रता और स्वच्छता की कमी के कारण इस मौसम में UTI के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं। आइए इस लेख में हम जानेंगे कि UTI क्या होता है, इसके लक्षण क्या हैं, और बारिश के मौसम में इससे कैसे बचा जाए।

आज की सलाहकार : डॉ. विनीत सिंह सोमवंशी, सीनियर कंसल्टेंट, यूरोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर।

UTI  क्या है?

UTI  या यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन एक प्रकार का बैक्टीरिया या कभी-कभी फंगल संक्रमण होता है, जो मूत्र प्रणाली के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। मूत्र प्रणाली में किडनी, ब्लैडर, मूत्रमार्ग और महिलाओं में गर्भाशय के पास का क्षेत्र शामिल है। खासतौर पर महिलाओं में यू.टी.आई की समस्या अधिक होती है, क्योंकि उनकी मूत्रमार्ग की संरचना महिलाओं में छोटी और अधिक खुली होती है, जिससे बर्ताव आसान होता है।

UTI  के कारण

बारिश के मौसम में बढ़ी हुई आर्द्रता से शरीर में नमी बनी रहती है, जिससे बैक्टीरिया और हानिकारक जीवाणु पनपते हैं। गीले कपड़े, लंबे समय तक गीले रहना, स्वच्छता की कमी, और गंदगी के संपर्क में आना यू.टी.आई का कारण बन सकता है। इसके अलावा, ठीक से पेशाब न करना, भारी या अधिक तली-भुनी खाद्य वस्तुएं खाना, और जागरूकता की कमी भी इस संक्रमण को बढ़ावा देती है।

यू.टी.आई के लक्षण

UTI  के लक्षण सामान्यत : शरीर के हिस्से पर निर्भर करते हैं जहां संक्रमण हुआ है। कुछ सामान्य लक्षण हैं, पेशाब करते समय जलन या दर्द महसूस होना, बार-बार पेशाब आना लेकिन कम मात्रा में, पेशाब का बदबूदार या धुंधला होना, पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द, बुखार और थकान महसूस होना, कभी-कभी पेशाब में रक्त आना।

बारिश के मौसम में UTI से बचने के उपाय

साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें : गीले कपड़े, खासकर पानी में भीगे हुए कपड़ों को लंबे समय तक न पहनें। बार-बार कपड़े बदलें और सूखा पहनें। महिलाओं को स्वच्छता के लिए पौधों के आस-पास न बैठना चाहिए और जरूरी सफाई नियमित करें।

पानी अधिक मात्रा में पियें : खूब पानी पीने से मूत्र मार्ग साफ रहता है और बैक्टीरिया बाहर निकल जाते हैं। यह आपके मूत्र मार्ग को स्वस्थ रखने का सबसे सरल तरीका है।

 नीचे से ऊपर की दिशा में पोंछें : स्वच्छता के दौरान यह ध्यान रखें कि पोंछने का तरीका सही हो, जिससे संक्रमण फैलने की संभावना कम हो।

संयमित और संतुलित भोजन करें : अधिक तली-भुनी और मैदा आधारित खाद्य पदार्थ बचाएं। हरी सब्जियां, फल, और फाइबरयुक्त आहार लें जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं : योग, ध्यान, और पर्याप्त नींद लेकर अपनी इम्यूनिटी को मजबूत बनाएं।

 गीले जूतों और मोज़ों से बचें : बारिश में गीले जूते या मोज़े अपनी त्वचा को नमी में रखना संक्रमण को बढ़ावा दे सकता है। आरामदायक और सूखे जूते पहनें।

संतुलित और नियमित पेशाब करें : पेशाब को लंबे समय तक रोकना सही नहीं है। शरीर से विषैले पदार्थ और बैक्टीरिया निकालने के लिए नियमित पेशाब जरूरी है।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

यदि आप ऊपर बताए गए लक्षण महसूस करें, जैसे पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, या पेशाब में खून आना तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपके मूत्र की जांच कर उचित दवा और उपचार बताएंगे। यदि यू.टी.आई गंभीर हो जाए तो किडनी तक संक्रमण फैल सकता है, जो खतरे की बात हो सकती है। इसलिए बारिश के मौसम में अपनी साफ-सफाई और स्वास्थ का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। बारिश का मौसम जहां जीवन में ताजगी लाता है, वहीं यह स्वास्थ्य के लिए कुछ विशेष खतरे भी लेकर आता है। यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन का जोखिम बढ़ जाता है, खासकर महिलाओं में। इस संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना, पर्याप्त पानी पीना, और सही जीवनशैली अपनाना जरूरी है। यदि लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सा सलाह लें। अपनी और अपने परिवार की सेहत का पूरा ख्याल रखते हुए आप इस मौसम का आनंद पूरी सेहत के साथ ले सकते हैं।

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