ऊंची पहुंच व जुगाड़ से फिर वहीं पहुंचे

  • जेल मुख्यालय के आला अफसरों का कारनामा
  • जनपद में छह और मंडल में 10 साल पूरे होने पर हुआ था तबादला
  • अंबेडकर नगर जेल से बुलंदशहर जेल में हुए सम्बद्ध

आरके यादव

लखनऊ। प्रदेश कारागार विभाग के अधिकारियोंं की महिमा अपरंपार है। इस विभाग में जुगाड़ और पहुंच हो तो स्थानांतरित किए गए अधिकारी को स्थानांतरित जनपद में ही वापसी कर दी जाती है। हकीकत यह है कि प्रदेश के कारागार विभाग में शासन के स्थानांतरण नीति को कोई मायने नहीं है। यही वजह से नियमों को दर किनार कर पहले तबादला किया जाता है फिर उसी स्थान पर उसे वापस भी कर दिया जाता है। विभाग के अफसर खामी को छिपाने के लिए मेडिकल ग्राउंड पर भेजे जाने की बात स्वीकार कर रहे हैं। मामला प्रदेश की बुलंदशहर जिला जेल का हैं। इस जेल में डिप्टी जेलर नीरज श्रीवास्तव तैनात है। शासन की स्थानांतरण के मुताबिक जनपद में छह साल और मंडल के 10 साल पूरा होने के बाद बीते स्थानांतरण सत्र में जेल मुख्यालय के अधिकारियों ने डिप्टी जेलर का तबादला अम्बेडकरनगर जिला जेल में कर दिया गया। लंबे समय से पश्चिम की कमाऊ जेलों पर तैनात रहने वाले डिप्टी जेलर नीरज श्रीवास्तव को जेल अधिकारियों ने एक बार फिर पूर्व की जेल में भेज दिया। वर्ष 2021-2022 के स्थानांतरण सत्र में मंडल की सर्वाधिक कमाऊ वाली गाजियाबाद जेल से उन्हें बुलंदशहर जेल में तैनात किया गया था।

सूत्रों का कहना है कि बुलंदशहर से अम्बेडकर नगर स्थानांतरित किए गए डिप्टी जेलर ने कार्यभार संभालने के बाद से वापसी के प्रयास शुरू कर दिए थे। करीब डेढ़ माह तक अम्बेडकर नगर जेल में रहने के बाद उन्होंने जेल मुख्यालय के अधिकारियों से सेटिंग-गेटिंग शुरू कर दी। अगस्त माह के मध्य में उन्हें अम्बेडकर जिला जेल से बुलंदशहर जेल पर संबद्ध कर दिया गया। बताया गया है कि जुगाड़ और धनबल के सहारे मेडिकल आधार पर संबद्ध हुए इस डिप्टी जेलर का यह मामला विभागीय अधिकारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर इस संबंध में जब बुलंदशहर जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल से बातचीत की गई तो उन्होंने डिप्टी जेलर नीरज श्रीवास्तव के बुलंदशहर से अटैचमेंट की बात का स्वीकार किया। बुलंदशहर में कौन सा बड़ा मेडिकल इंस्टीट्यूट है के सवाल को वह टाल गए। जेल मुख्यालय के अधिकारियों ने इसे हाईकमान का मामला बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया।

अफसरों को निर्दोष को दोषी और दोषी का निर्दाेष ठहराने में हासिल महारत

जेल विभाग के अफसरों को निर्दोष को दोषी और दोषी को निर्दोष बनाने की महारत हासिल है। मामला पश्चिम की बागपत जेल को है। इस जेल में तीन दिन पहले जेल में बंद एक बंदी के पास पैसा पहुंचाने के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में हेडवार्डर को पैसा लेते हुए दिखाया गया। जेल अधिकारियों ने हेड वार्डर की ओर से पैसा दे रहे व्यक्ति के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर मामले को रफादफा कर दिया। वहीं दूसरी ओर पिछले चार से हेड वार्डर और प्रभारी डिप्टी जेलर को प्रभार संभालने वाले सुरक्षाकर्मी को सिर्फ इसलिए हटा दिया गया कि उसने एक आरोपी जेलर की मनमानी पर काम करने से इनकार कर दिया। बलिया जेल में उपद्रव के सूत्रधार तत्काली डिप्टी अब जेलर जितेंद्र कश्यप ने डीओ लिखकर उन्हें महाराजगंज जेल से संबद्ध करा दिया। प्रताडि़त हेडवार्डर न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खाने का विवश है। जेल अधीक्षक वीके मिश्रा वीडिया वायरल होने की बात स्वीकार करते औ कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया।

Raj Dharm UP

योगी की पहल उतर रही धरातल पर, शिमला का सेब अब पूरब की तराई में!

केवीके बेलीपार की पहल पर गोरखपुर के कुछ किसान बड़े पैमाने पर खेती की तैयारी में मात्र दो साल में ही आ जाता है फल, तीन साल पहले आई थी यह प्रजाति लखनऊ। शिमला का सेब तराई में! है न चौंकाने वाली बात। पर चौंकिए मत। यह मुकम्मल सच है। ठंडे और ऊंचे पहाड़ों से […]

Read More
Raj Dharm UP

काल बनी सड़क: एक बार फिर आगरा एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा, चली गई 18 लोगों की जान

एक टैंकर से टकराकर पलट गई डबलडेकर बस बड़ा हादसा: सड़क पर दिखने लगी लाशें ही लाशें लखनऊ । राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क हादसे में मौत होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। उन्नाव जिले में बुधवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे भीषण सड़क हादसा हुआ। डबल डेकर बस एक टैंकर से टकरा गई। टकराने के बाद […]

Read More
Raj Dharm UP

…तो जेल में ठूस दी जाएगी पाखंडियों की फौज, बड़े एक्शन की दरकार

ए अहमद सौदागर लखनऊ। हाथरस के सिकंद्राराऊ में सत्संग के दौरान भगदड़ में हुई मौतों के मामले में मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर सहित आधा दर्जन आरोपी को पकड़कर पुलिस ने पाखंडियों के चेहरे से नकाब उतार दिया है। आधा दर्जन आरोपी सलाखों के पीछे तो पहुंच गए हैं, इस मामले का असली पाखंडी बाबा […]

Read More