अपनी परम्परागत सीट पर भी देरी से उतरे राहुल, अबकी बार अमेठी नहीं रायबरेली से लड़ेंगे चुनाव

  • सोनिया गांधी के करीबी किशोरी लाल शर्मा को मिली अमेठी की जिम्मेदारी, स्मृति ईरानी के सामने नया चेहरा
  • बीजेपी प्रवक्ता ने X पर किया करारा तंज, लिखा- अमेठी से रणछोड़दास क्यों बन गए राहुल गांधी?

नया लुक संवाददाता

लखनऊ। कांग्रेस ने गांधी परिवार के परंपरागत लोकसभा संसदीय क्षेत्र उत्तर प्रदेश के रायबरेली और अमेठी को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लगाते हुए आज पार्टी नेता राहुल गांधी को रायबरेली से भी चुनाव मैदान में उतार दिया। कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने रायबरेली से राहुल गांधी तथा अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। गौरतलब है कि अमेठी और रायबरेली लोकसभा सीट गांधी परिवार की परंपरागत सीट हैं।

मां सोनिया गांधी के साथ राहुल और प्रियंका रायबरेली पहुंच चुके हैं। गांधी परिवार फुरसतगंज एयरपोर्ट से रायबरेली पहुंच रहा है। मिली जानकारी के अनुसार प्रियंका गांधी के साथ उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी रायबरेली पहुंच हैं। वहीं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी गांधी परिवार के साथ मौजूद हैं। आज तीन मई यानी शुक्रवार को राहुल गांधी करीब 12 बजे के आसपास रायबरेली में नामांकन करेंगे।

रायबरेली पहुंचा गांधी परिवार, मां सोनिया गांधी, बहन प्रियंका गांधी के साथ राहुल गांधी

वहीं अमेठी लोकसभा से कांग्रेस उम्मीदवार किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि मैं मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी सभी का धन्यवाद देता हूं। उन्होंने मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता को अपने पारिवारिक सीट की जिम्मेदारी दी है। मैं पूरी कोशिश करूंगा कि यहां मेहनत करूं और उन्हें जीत दिला सकूं। मैं 40 साल से इस क्षेत्र की सेवा कर रहा हूं। मैंने राजीव गांधी के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। तब से यहीं हूं, यहां की जनता अपने बीच के नेता को ही चुनेगी।

“शहजादे वायनाड में हार के डर से अपने लिए दूसरी सीट खोज रहे हैं”

मैंने पहले ही ये भी बता दिया था कि शहजादे वायनाड में हार के डर से अपने लिए दूसरी सीट खोज रहे हैं। अब इन्हें अमेठी से भागकर रायबरेली सीट चुननी पड़ी है। ये लोग घूम-घूम कर सबको कहते हैं – *डरो मत। मैं भी इन्हें यही कहूंगा – डरो मत, भागो मत*।” : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

6 मई से लेकर चुनाव तक अमेठी में रहूंगी, इस चुनाव में भी आपसे उम्मीद रखती हूं आप भी हमारे साथ लड़ेंगे और जिताएंगे- प्रियंका गांधी

अपने पति राबर्ट वाड्रा और मां सोनिया गांधी के साथ रायबरेली पहुंची है प्रियंका गांधी

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता आलोक अवस्थी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखते हैं कि राहुल गांधी डरो मत। क्या कारण है नामांकन के आखिरी दिन आपका नाम पार्टी ने घोषित किया, इतना भी डरो मत। आखिर स्मृति ईरानी से क्यों डर गए? अमेठी से रणछोड़दास क्यों बन गए? वहीं सूत्रों का कहना है कि किशोरी लाल शर्मा के मैदान में आने से अमेठी की लड़ाई स्मृति ईरानी के लिए कठिन हो गई है। वैसे तो राहुल और स्मृति दोनों बाहरी थे, लेकिन अब लोकल और बाहरी का मुद्दा भी उन्हें झेलना पड़ेगा। ऊपर से शर्मा करीब 40 बरसों से क्षेत्र में सक्रिय हैं और लोगों के सुख-दुख में शामिल रहते हैं। जबकि बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता कहते आलोक अवस्थी कहते हैं जब राहुल के रहने से कोई लड़ाई नहीं थी, तो शर्मा के आने से बीजेपी और स्मृति ईरानी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। हां, जीत का अंतर कुछ और बढ़ जाएगा।

बीजेपी प्रवक्ता आलोक अवस्थी का कांग्रेस के युवराज पर करारा तंज, रणछोड़दास क्यों बने राहुल?

एक ओर ईरानी बाहरी तो दूसरी ओर राहुल

इस बार स्मृति ईरानी का सामना राहुल गांधी की बजाय स्थानीय किशोरी लाल शर्मा से, देखिए किस करवट बैठता है ऊंट

अमेठी लोकसभा सीट पर बीजेपी की कद्दावर नेता स्मृति ईरानी जहां बाहरी हो रही हैं, वहीं रायबरेली लोकसभा सीट से राहुल गांधी को भी लोग बाहरी बता रहे हैं। लेकिन रायबरेली में बीजेपी के साथ दिनेश प्रताप सिंह चुनाव लड़ रहे हैं जो वहां के स्थानीय हैं। उसी तरह किशोरी लाल शर्मा का नाता बचपन से रायबरेली अमेठी से जुड़ा रहा है। वहीं रायबरेली से भाजपा प्रत्याशी दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि मैं राहुल गांधी की अम्मा के खिलाफ भी लड़ा था तब सोनिया अल्लाह-अल्लाह करती रायबरेली से गईं। प्रियंका से सवाल करने के लिए जनता खोज रही थी।
जनता को न सोनिया मिलीं ना प्रियंका मिलीं।

लद्दाख से नामग्याल को मिला ‘हाथ’ का साथ

कांग्रेस ने लद्दाख संसदीय सीट से वरिष्ठ नेता त्सेरिंग नामग्याल को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख संसदीय क्षेत्र से श्री नामग्याल के नाम का चयन किया है।

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