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स्वतंत्र भारत की 75वीं वर्ष गांठ आत्मसंयम से पनपेगी स्वतंत्रता

बलराम कुमार मणि त्रिपाठी एक बार मेरे वृद्ध पिता से किसी ने पूछा- आप स्वस्थ हैं? वे बोले हां स्वस्थ हूं। आत्मा सदा स्वस्थ है। आत्मसंयम से ही हम सदा स्वस्थ रहेंगे। मेरा जन्म आजादी मिलने के तत्काल बाद का है। इसलिए उस समय का माहौल बहुत कुछ देखा सुना है। मेरे बाबा आजादी के […]

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