
New Delhi: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस को लगातार मिल रही चुनावी हार के लिए पार्टी नेतृत्व और उसकी ‘वैचारिक शून्यता ‘को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि अब ऐसी स्थिति हो गयी है कि भगवान श्री राम का विरोध करने वाले शिवजी की बारात की बात कर रहे हैं। BJP के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से कांग्रेस लगातार संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है। हद तो ये हो गई कि पार्टी चुनाव की हार का दोष भी संवैधानिक संस्थानों पर मढ़ती है। कांग्रेस की हार का सिलसिला लगातार जारी है और यह उसकी ‘वैचारिक शून्यता’ की वजह से मिल रही है। उन्होंने कहा कि अभी उपचुनाव में क्या हुआ?
असम में कांग्रेस की स्थिति क्या है? स्थानीय निकाय चुनाव में त्रिपुरा में क्या हुआ, राजस्थान में क्या हुआ, उससे पहले हिमाचल में क्या हुआ? एक के बाद एक चुनाव में हारना और उसकी खीज आंदोलन कर सड़कों पर निकालना, ये कांग्रेस की नियति बन गयी है। उन्होंने कहा, ” आज मैं कांग्रेस के मित्रों से कहना चाहता हूं कि कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग नहीं है, कांग्रेस की हार का कारण कांग्रेस का विचार शून्य नेतृत्व है। आज कांग्रेस की हालत क्या है? उत्तर प्रदेश में जूतम पैजार हो रही है, पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलना पड़ा है। अलग-अलग जगह नेतृत्व के झगड़े चल रहे हैं। मैं फिर से कह रहा हूं कि हार का कारण कांग्रेस का नेतृत्व है। देश को नहीं जानता, देश की जनता को नहीं जानता, यहां की परंपराओं को नहीं जानता… कांग्रेस नेतृत्वहीन है।”
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BJP नेता ने कहा कि कांग्रेस जनता की नजरों से भी उतर गयी है और जनता के दिलों से भी उतर गयी है। कांग्रेस कुर्सी के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर हमले कर रही है। वो जनता का दिल नहीं जीत सकती है, इसलिए परेशान कांग्रेस संवैधानिक संस्थानों को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता और दंगे फैलाकर, झूठ बोलकर, गुमराह करके अब कुर्सी चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की हालत ये है कि न्यायालय का फैसला उसके पक्ष में नहीं आता है तो अदालत पर हमले करती है। चुनाव हारती है, तो चुनाव आयोग पर हमला करती है। भारतीय सेना जब आतंकवादियों को मारती है, तो सेना पर हमले करती है।
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चौहान ने कहा कि भारत की प्रगति और 140 करोड़ देशवासियों के भरोसे को बचा पाना कांग्रेस के लिए असंभव हो गया है। कांग्रेस अब देश को तोड़ने वाली ताकतों के साथ हाथ मिला रही है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह दिशाहीन है। ओडिशा में 26 साल, नागालैंड में 23 साल, गोवा में 15 साल और दिल्ली में 13 साल से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। तीन-चार राज्यों को छोड़कर, कांग्रेस दूसरे राज्यों में भी कनिष्ठ सहयोगी बनकर रह गई है। उन्होंने कहा कि बिहार में राष्ट्रीय जनता दल पर, उत्तर प्रदेश में कभी समाजवादी पार्टी (SP) पर तो कभी बहुजन समाजवादी पार्टी (बSP) पर, झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर और जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस पर निर्भर है। कांग्रेस कनिष्ठ साझेदार और अल्पसंख्यक खिलाड़ी बनकर रह गयी है।
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केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 90 से अधिक बार चुनी हुई सरकारों को गिराकर का पाप किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री ऐसे बदले जैसे कोई कपड़े बदलता है। उन्होंने देश में लोकतंत्र का गला घोंटकर आपातकाल लगाया। आज कांग्रेस की क्या हालत है? देश के बड़े राज्यों में कांग्रेस लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर सत्ता चाहती है। संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करके, सड़कों पर अराजकता और दंगे फैलाकर, और टीम राजनीति के नाम पर लोगों पर हमला करके, वह बस सत्ता में वापसी चाहती है।
चौहान ने आरोप लगाया कांग्रेस और ‘इंडिया गठबंधन’एक खतरनाक मिश्रण बन गया है। यह अब विदेशी ताकतों के हाथों का मोहरा बन गया है। BJP नेता ने गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अभी कह रहे थे कि कांग्रेस शिव जी की बारात है। श्री राम का विरोध करने वाले शिव जी की बारात की बात कर रहे हैं। यह शिव जी की बारात नहीं है, यह अराजकता फैलाने वाले दंगाइयों का समूह है।
(वार्ता)
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