बवासीर की सिकाई के लिए गर्म पत्थर का इस्तेमाल पड़ा भारी

Kanpur

Kanpur: बवासीर यानी पाइल्स की तकलीफ से राहत पाने के लिए बिना चिकित्सकीय सलाह के अपनाया गया घरेलू उपाय कानपुर के एक मरीज के लिए बेहद गंभीर स्थिति का कारण बन गया। दर्द से परेशान मरीज ने नीम-हकीम की सलाह पर गर्म पत्थर से सिकाई शुरू की थी। इसी दौरान करीब डेढ़ किलो वजनी पत्थर शरीर के अंदर चला गया। घटना के बाद मरीज को चलने और बैठने में भी परेशानी होने लगी। हालत बिगड़ने पर उसे कानपुर के उर्सला जिला अस्पताल लाया गया, जहां जांच के दौरान एक्स-रे में शरीर के अंदर पत्थर दिखाई दिया।

मरीज ने डॉक्टरों को शुरुआत में पूरी घटना नहीं बताई। उसने केवल पाइल्स की शिकायत के बारे में जानकारी दी। डॉक्टरों को जब उसकी परेशानी सामान्य पाइल्स के लक्षणों से अलग लगी तो उन्होंने एक्स-रे कराने का निर्णय लिया। रिपोर्ट सामने आने के बाद चिकित्सक भी हैरान रह गए।

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एक्स-रे में दिखाई दिया शरीर के अंदर बड़ा पत्थर

जांच में शरीर के अंदर एक बड़ा और भारी पत्थर दिखाई दिया। इसके बाद डॉक्टरों ने मरीज से घटना के बारे में विस्तार से पूछताछ की। पहले मरीज घटना बताने में झिझक रहा था, लेकिन बाद में उसने बताया कि पाइल्स की सिकाई के लिए उसने गर्म पत्थर का इस्तेमाल किया था। इसी दौरान पत्थर शरीर के अंदर चला गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने बिना देरी किए ऑपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। चिकित्सकों के सामने चुनौती यह थी कि पत्थर को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जाए और आसपास के हिस्सों को किसी अतिरिक्त नुकसान से बचाया जा सके।

कई घंटे चली सर्जरी, सुरक्षित बाहर निकाला गया पत्थर

डॉक्टरों की टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए सर्जरी की। कई घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद पत्थर को शरीर से बाहर निकाल लिया गया। बताया गया कि पत्थर का वजन करीब 1.5 किलोग्राम था। ऑपरेशन के बाद मरीज को अस्पताल में निगरानी में रखा गया।

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इलाज के बाद मरीज की हालत में सुधार बताया गया है। अब वह स्वास्थ्य लाभ कर रहा है। मरीज ने भी घटना को अपनी गलती मानते हुए कहा कि तेज दर्द के कारण उसने बिना चिकित्सकीय सलाह के सिकाई का तरीका अपनाया था। उसने लोगों से अपील की कि किसी भी बीमारी में ऐसे घरेलू प्रयोग करने से बचें।

डॉक्टर ने दी सावधानी बरतने की सलाह

चिकित्सकों के मुताबिक पाइल्स जैसी समस्या को लेकर कई लोग झिझक के कारण डॉक्टर से संपर्क करने के बजाय घरेलू नुस्खों या गैर-विशेषज्ञों की सलाह पर इलाज शुरू कर देते हैं। शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर गर्म वस्तु या किसी अन्य सामग्री का इस्तेमाल चोट और गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है।

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि पाइल्स की समस्या होने पर योग्य चिकित्सक से जांच करानी चाहिए। बीमारी की स्थिति के अनुसार ही उपचार तय किया जाना चाहिए। बिना विशेषज्ञ की सलाह के गर्म वस्तुओं से सिकाई या किसी तरह का प्रयोग करना नुकसानदायक हो सकता है।

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