
New Delhi: भोजन की थाली आए और उसमें दाल न हो तो चित्त वैसे ही खिन्न हो जाता है। संयोगवश अगर आप दाल प्रेमी हैं तब तो थाली में दाल अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। लेकिन अधिकांश लोग नहीं जानते कि कौन सी दाल कितनी पौष्टिक है, कहीं लोग अरहर की दाल को पसंद करते हैं तो कहीं मसूर की दाल को।
मूंग की दाल को तो मरीजों की दाल या बनियों की दाल कहकर इसकी खिल्ली उड़ाते हैं लेकिन उनको पता नहीं होता कि मूंग की दाल दालों में दाल है। सबसे ज्यादा पौष्टिक और सुपाच्य। चिकित्सक भी इसी बात पर जोर देते है, इसलिए मूंग की दाल को मरीजों की दाल कहकर इसकी खिल्ली उड़ाना बंद कीजिये।
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मध्याह्न के लंच से ले कर डिनर तक, रोटी या चावल के साथ अधिकांश घरों में दाल ही परोसी जाती है। ज्यादातर शाकाहारी लोगों के लिए भी दाल प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। लेकिन अब सवाल है कि कौन सी दाल हमारे लिए सबसे मुफीद होगी। दाल कई तरह की होती हैं, जिनमें से कुछ आसानी से पच जाती हैं और कुछ को पचाना मुश्किल होता है। न्यूट्रिशन और प्रोटीन के मामले में भी दालें अलग-अलग होती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आपके लिए भला कौन सी दाल खाना सबसे बेहतर रहेगा। जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ शुभम वात्स्य ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सभी दालों को 10 में से रेट किया है। आप भी जान लीजिए।
मूंग दाल- 9.5/10
मूंग दाल को डॉक्टर 10 में से 9.5 रेट करते हैं। ये काफी हल्की और आसानी से पचने वाली होती है। इसमें अच्छी क्वालिटी का प्लांट प्रोटीन और फाइबर का कॉम्बिनेशन होता है। जिन लोगों का गट सेंसेटिव है, उनके लिए भी ये एक अच्छा ऑप्शन है।

मसूर दाल- 9/10
डॉ शुभम कहते हैं कि मसूर दाल में प्रोटीन और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है। साथ ही आयरन, फोलेट और पोटेशियम का भी ये अच्छा सोर्स है। कुल मिलाकर कहें तो ये रोजाना खाने के लिए एक शानदार ऑल राउंडर विकल्प है, क्योंकि इसमें कई पोषक तत्व बॉडी को मिल जाते हैं।

तूर/अरहर की दाल – 8.5/10
अरहर की दाल डेली डाइट में शामिल करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, फोलेट और बहुत सारे मिनरल्स मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं।

चने की दाल – 8.5/10
डॉक्टर कहते हैं कि चने की दाल में फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है। साथ में आयरन, फोलेट और प्रोटीन भी मिलता है। हालांकि ज्यादा मात्रा में खाने पर कुछ लोगों में गैस और ब्लोटिंग की शिकायत भी हो सकती है। इसलिए क्वांटिटी का ध्यान रखना काफी जरूरी है।

उड़द दाल – 7/10
उड़द दाल को डॉ शुभम 10 में से 7 रेट करते हैं। ये प्रोटीन, फाइबर, आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होती है लेकिन बाकी दालों की तुलना में ये थोड़ी हेवी होती है। इसलिए सेंसेटिव गट यानी कमजोर पाचन वालों को ब्लोटिंग या गैस की शिकायत हो सकती है।

राजमा – 7.5/10
राजमा तकनीकी रूप से दाल नहीं, बल्कि लेग्यूम्स यानी फलियों की श्रेणी में आता है। हालांकि इसे इग्नोर भी नहीं किया जा सकता है। ये प्रोटीन, फाइबर और आयरन एब्जॉरपशन और पोटेशियम का शानदार ऑप्शन है। लेकिन ये पचाने में थोड़ा हेवी हो सकता है इसलिए कई लोगों में राजमा खाने के बाद गैस बनना कॉमन है।

डाइट में शामिल करें अलग-अलग दाल
डॉ शुभम वात्स्य कहते हैं कि दाल इंडियन डाइट में प्लांट बेस्ड प्रोटीन, फाइबर, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फोलेट और अन्य जरूरी पोषक तत्व शामिल करने का सबसे आसान विकल्प हैं। इसलिए अपनी डाइट में अलग-अलग तरीके की दालें शामिल करें क्योंकि हर दाल की न्यूट्रीशन प्रोफाइल अलग-अलग होती है।
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2 thoughts on “दालों में दाल मूंग की दाल, अरहर का नंबर तीसरा”
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