

प्रमुख सचिव से लेकर अहम पदों पर महिला अधिकारियों की तैनाती, DG, MD सब महिलाएं
हेकाली झेमोमी की तैनाती के साथ ही बदल गई स्वास्थ्य विभाग की तस्वीर
जिले से लेकर शासन स्तर तक हावी है आधी-आबादी, 10 जिलो में डीएम, दो में मंडलायुक्त
एक साल पहले यानी 18 सितम्बर 2025 से सूबे के सेहत महकमे की कमान संभाल रहे अमित कुमार घोष के तबादले और केंद्र से जल्द ही यूपी लौटी वी. हेकाली झेमोमी की तैनाती के साथ ही उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग का चेहरा ही बदल गया। आलम यह है कि सूबे में स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष प्रशासनिक और प्रबंधकीय पदों पर महिला IAS अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सामने आई हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से लेकर मेडिकल एजुकेशन, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और स्वास्थ्य बीमा योजना से जुड़े अहम पदों पर महिला अधिकारियों की तैनाती है। गौरतलब है कि अमित कुमार घोष 1994 बैच के प्रशासनिक अफसर हैं, जो पिछले साल ही केंद्र की प्रतिनियुक्ति से यूपी लौटे थे। उनके आते ही सरकार ने उन्हें प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी, बाद में उन्हें पशुपालन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंप दिया गया था।
राष्ट्रपति से प्रशासनिक पदों तक महिलाओं की भागीदारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि केंद्र में निर्मला सीतारमण जैसे महिला मंत्री महत्वपूर्ण आर्थिक मंत्रालय संभाल रही हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कई प्रमुख प्रशासनिक पदों पर महिला IAS अधिकारियों को जिम्मेदारियां मिली हैं। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष पदों पर महिला अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर यह तस्वीर शासन-प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।
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प्रमुख सचिव स्तर से लेकर निदेशक और अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक महिला अधिकारियों की मौजूदगी ने स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका को प्रमुख बनाया है। जानकारी के मुताबिक IAS वी. हेकाली झिमोमी (1996 बैच) प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा मेडिकल एजुकेशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वहीं IAS रितु माहेश्वरी (2003 बैच) सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के पद पर हैं। रितु के अलावा उन्हीं की बैचमेट IAS डॉ. पिंकी जोवेल (2003 बैच) सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के साथ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश की निदेशक की जिम्मेदारी से जुड़ी हैं। वहीं मेडिकल एजुकेशन के शीर्ष स्तर पर IAS नेहा शर्मा (2010 बैच) DG मेडिकल एजुकेशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
इसके अलावा IAS अर्चना वर्मा (2014 बैच) को CEO, नेशनल हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम SACHIS, उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई है। मेडिकल एजुकेशन से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्वों में IAS कृतिका शर्मा विशेष सचिव मेडिकल एजुकेशन एवं अपर निदेशक SGPGI, लखनऊ के पद पर हैं। स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक स्तर पर IAS निधि बंसल (2020 बैच) निदेशक प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तथा IAS नीलम (2021 बैच) एडिशनल डायरेक्टर, मेडिकल एजुकेशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
प्रमुख पदों पर महिला नेतृत्व
स्वास्थ्य विभाग की इन नियुक्तियों में खास बात यह है कि विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण स्तरों पर महिला अधिकारियों की बड़ी भूमिका दिखाई दे रही है। प्रमुख सचिव से लेकर सचिव, मिशन निदेशक, महानिदेशक और निदेशक स्तर तक महिला IAS अधिकारियों को जिम्मेदारियां मिली हैं। राज्य सरकार में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े राजनीतिक नेतृत्व में उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस तरह स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रशासनिक संचालन में महिला IAS अधिकारियों की महत्वपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है।
यूपी के प्रशासन में महिला IAS अधिकारियों की लंबी परंपरा, कई अहम पदों पर निभा चुकी हैं जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक इतिहास में महिला IAS अधिकारियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है। वरिष्ठता से लेकर वर्तमान प्रशासनिक जिम्मेदारियों तक, प्रदेश में कई महिला अधिकारियों ने शासन के महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। वरिष्ठ महिला IAS अधिकारियों की बात करें तो आराधना शुक्ला (1989 बैच), राधा एस. चौहान (1988 बैच), मोनिका एस. गर्ग (1989 बैच), अनिता सिंह (1990 बैच), कल्पना अवस्थी (1990 बैच), जूथिका पाटणकर (1988 बैच) और रेणुका कुमार (1987 बैच) जैसी अधिकारी उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
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यूपी के शासन से लेकर केंद्र तक अहम जिम्मेदारियां
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे में महिला IAS अधिकारियों की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। वरिष्ठता के साथ-साथ प्रदेश और केंद्र सरकार के कई महत्वपूर्ण विभागों में महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां मिली हैं। राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, गन्ना, वित्त, वन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन से लेकर मंडल स्तर तक महिला अधिकारी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। वरिष्ठता के लिहाज से देखें तो 1990 बैच की IAS अधिकारी अर्चना अग्रवाल को चेयरमैन, राजस्व परिषद की जिम्मेदारी दी गई है। 1991 बैच की निवेदिता शुक्ला वर्मा सचिव, केमिकल एवं फर्टिलाइजर के पद पर हैं, जबकि 1993 बैच की वीना कुमारी मीना अपर मुख्य सचिव, गन्ना एवं गन्ना उद्योग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
वहीं 1994 बैच की लीना जौहरी, जो केंद्र से उत्तर प्रदेश लौटी हैं, अपर मुख्य सचिव, महिला एवं बाल कल्याण के पद पर हैं। वहीं 1996 बैच की यूपी कैडर की अधिकारी अनीता सी. मेश्राम राष्ट्रपति की सचिव के पद पर कार्यरत हैं। जबकि 1997 बैच की कामिनी रतन चौहान प्रमुख सचिव, राज्यकर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वहीं 1998 बैच की नीना शर्मा प्रमुख सचिव, पब्लिक एंटरप्राइजेज हैं। 1999 बैच की संयुक्ता समद्दर प्रमुख सचिव, राजनीतिक पेंशन की जिम्मेदारी में हैं। वहीं 2000 बैच की धनलक्ष्मी के. महानिदेशक मत्स्य एवं दुग्ध आयुक्त की भूमिका में हैं। वहीं 2001 बैच की अपर्णा यू. प्रमुख सचिव, राजस्व के पद पर हैं। 2002 बैच की मनीषा त्रिघाटिया सचिव, महिला एवं बाल कल्याण हैं। 2003 बैच की मिनिस्ती एस. गन्ना आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जबकि इसी बैच की अमृता सोनी मुख्य सचिव की स्टाफ ऑफिसर हैं।2004 बैच की रोशन जैकब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी संभाल रही हैं। 2005 बैच की कंचन वर्मा कमिश्नर, राजस्व परिषद की भूमिका में हैं।
शिक्षा, राजस्व और प्रशासन में भी महिला नेतृत्व
2006 बैच की सारिका मोहन IG, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन हैं। इसी बैच की सेल्वा कुमारी जे. महानिदेशक, तकनीकी शिक्षा की जिम्मेदारी निभा रही हैं। 2007 बैच की शीतल वर्मा निदेशक, जनगणना के पद पर हैं। 2008 बैच की किंजल सिंह सचिव, माध्यमिक शिक्षा और सौम्या अग्रवाल श्रम आयुक्त की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इसी बैच की डॉ. काजल केंद्र में संयुक्त सचिव, उद्योग के पद पर हैं, जबकि बी. चंद्रकला यूपी में सचिव, पर्यावरण एवं वन की जिम्मेदारी में हैं। 2009 बैच की शुभ्रा सक्सेना निदेशक, निर्वाचन आयोग हैं। इसी बैच की अदिति सिंह केंद्र सरकार में संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी निभा रही हैं। माला श्रीवास्तव खनन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और संगीता सिंह मुरादाबाद मंडल की मंडलायुक्त हैं।
मंडल और विभागीय स्तर पर भी बड़ी जिम्मेदारियां
2010 बैच की मोनिका रानी महानिदेशक, बेसिक शिक्षा के पद पर हैं। इसी बैच की संदीप कौर सचिव, वित्त की भूमिका में हैं। दुर्गा शक्ति नागपाल मंडलायुक्त, देवीपाटन मंडल और सुधा वर्मा सचिव, राजस्व के पद पर हैं। इसके बाद की पीढ़ी में भी महिला अधिकारियों की भागीदारी दिखाई देती है। 2011 बैच की श्रुति MD, दक्षिणांचल की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। 2012 बैच की नेहा प्रकाश निदेशक, सेवायोजन हैं। इसी बैच की यशु रुस्तगी निदेशक, DoPT और सी. इंदुमति निदेशक, महिला एवं बाल कल्याण की जिम्मेदारी में हैं।
10 जिलों की कमान भी महिला IAS अधिकारियों के हाथ
उत्तर प्रदेश में महिला IAS अधिकारियों की भूमिका केवल शासन स्तर तक सीमित नहीं है। प्रदेश के कई जिलों में भी महिला अधिकारियों को जिलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। अलग-अलग बैच की महिला IAS अधिकारी जिलों के प्रशासन की कमान संभाल रही हैं।2013 बैच की प्रियंका निरंजन जिलाधिकारी, गोंडा की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। 2014 बैच की कृतिका ज्योत्सना जिलाधिकारी, बस्ती हैं।
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2015 बैच की निधि गुप्ता वत्स जिलाधिकारी, फतेहपुर के पद पर हैं। वहीं 2016 बैच की अन्नपूर्णा गर्ग जिलाधिकारी, श्रावस्ती, कविता मीणा जिलाधिकारी, हापुड़, सरनीत कौर ब्रोका जिलाधिकारी, रायबरेली, अंकुर लाठर जिलाधिकारी, फर्रुखाबाद और ईशा प्रिया जिलाधिकारी, अंबेडकरनगर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इसके अलावा 2017 बैच की एम. अरुणमोझी जिलाधिकारी, एटा और अंजु मलिक जिलाधिकारी, संतकबीरनगर के पद पर कार्यरत हैं।
राष्ट्रपति से लेकर वित्तमंत्री तक महिला
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर महिला IAS अधिकारियों की बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच केंद्र सरकार में भी कई अहम जिम्मेदारियां महिलाओं के पास हैं। केंद्र और राज्यों के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति पर वर्तमान में द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं। वह भारत की 15वीं राष्ट्रपति हैं और जुलाई 2022 में उन्होंने राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। वहीं केंद्र सरकार में निर्मला सीतारमण वित्त मंत्री के साथ कॉरपोरेट मामलों की मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। वह देश की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं।
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