
swine flu: देश के कई हिस्सों में इन्फ्लूएंजा के मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही है। स्वाइन फ्लू को लेकर भी लोग सतर्क हैं। इस संक्रमण में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना और शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है। ऐसे में बचाव के उपायों को समझना जरूरी है।
स्वाइन फ्लू को आम तौर पर इन्फ्लूएंजा A (H1N1) संक्रमण के रूप में जाना जाता है। इससे बचाव के लिए मौसमी फ्लू वैक्सीन एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकती है। हालांकि, वैक्सीन लगवाने से पहले अपनी उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।
कौन सी वैक्सीन लगती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सीजनल इन्फ्लूएंजा वैक्सीन दी जाती है। मौसमी फ्लू के टीकों को समय-समय पर अपडेट किया जाता है, ताकि उस समय सक्रिय रहने वाले प्रमुख इन्फ्लूएंजा स्ट्रेन के खिलाफ बेहतर सुरक्षा मिल सके। कई जगहों पर क्वाड्रिवेलेंट फ्लू वैक्सीन का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए एक ही वैक्सीन उपयुक्त हो, यह जरूरी नहीं है। इसलिए टीका लगवाने से पहले डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
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वैक्सीन कितने समय में असर करती है?
फ्लू वैक्सीन लेने के बाद शरीर को सुरक्षा विकसित करने में आमतौर पर करीब दो सप्ताह लग सकते हैं। इसलिए संक्रमण का जोखिम बढ़ने से पहले टीकाकरण कराना अधिक उपयोगी माना जाता है। यह समझना भी जरूरी है कि फ्लू वैक्सीन हर तरह के सर्दी-जुकाम या वायरल संक्रमण से सुरक्षा की गारंटी नहीं देती। इसका मुख्य उद्देश्य संबंधित इन्फ्लूएंजा वायरस के खिलाफ प्रतिरक्षा तैयार करना और गंभीर बीमारी के जोखिम को कम करना है।
किन लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए?
फ्लू संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है, लेकिन कुछ लोगों में गंभीर बीमारी का खतरा अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है। इनमें छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोग शामिल हो सकते हैं। डायबिटीज, हृदय या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को फ्लू के लक्षण दिखने पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे लोगों के लिए टीकाकरण की जरूरत और सही समय डॉक्टर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर तय कर सकते हैं।
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वैक्सीन की कीमत कितनी है?
फ्लू वैक्सीन की कीमत अस्पताल, शहर, ब्रांड और वैक्सीन के प्रकार के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। निजी अस्पतालों और टीकाकरण केंद्रों पर इसकी कीमत कुछ सौ रुपये से लेकर करीब 1,000-2,000 रुपये या उससे अधिक हो सकती है। टीका लगवाने से पहले उसकी उपलब्धता, कीमत और अपने लिए उपयुक्त वैक्सीन की जानकारी संबंधित अस्पताल या डॉक्टर से जरूर लें।
संक्रमण से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
सिर्फ वैक्सीन पर निर्भर रहने के बजाय संक्रमण से बचने के लिए सामान्य सावधानियां भी जरूरी हैं। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें, हाथों की नियमित सफाई करें और बीमार व्यक्ति के बेहद करीब जाने से बचें। यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर से संपर्क करें।
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