
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर सियासी संग्राम
Satyendar Jain’s arrest: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टेंडर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की सियासत गरमा गई है। दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने सत्येंद्र जैन, पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय समेत कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि STP टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर हेरफेर कर एक कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। गिरफ्तारी के बाद सत्येंद्र जैन ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए कहा कि इसका संबंध आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से है। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार की कार्रवाई कैग रिपोर्ट में सामने आए मामलों के आधार पर हो रही है।
AAP ने गिरफ्तारी को बताया राजनीतिक
सत्येंद्र जैन ने आरोप लगाया कि उनकी गिरफ्तारी पंजाब चुनाव को ध्यान में रखकर की गई है। AAP नेताओं ने भी गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र की बीजेपी सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। AAP की ओर से यह भी दावा किया गया कि गिरफ्तारी के पीछे राजनीतिक दबाव था। हालांकि, इन आरोपों को बीजेपी ने खारिज किया है।
CM रेखा गुप्ता का पलटवार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से कार्रवाई कैग रिपोर्ट में सामने आए मामलों के आधार पर की जा रही है। उनका कहना है कि जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कानून के मुताबिक आगे बढ़ेगी।
क्या है दिल्ली जल बोर्ड टेंडर मामला?
ACB के मुताबिक मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण और अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडर में कथित अनियमितताओं का है। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों में बदलाव करके Euroteck Environmental Pvt. Ltd. को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई।
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ED ने भी दिसंबर 2025 में इसी मामले से जुड़ी अपनी जांच में आरोप लगाया था कि DJB के टेंडर की शर्तों को कथित तौर पर इस तरह बदला गया कि एक कंपनी को फायदा मिले। ED के अनुसार जांच में करीब ₹6.73 करोड़ की कथित रिश्वत/कमीशन और लगभग ₹17.70 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी रकम सामने आई थी।
टेंडर की शर्तों में हेरफेर का आरोप
जांच एजेंसी का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा सीमित करने के लिए तकनीकी शर्तों में कथित बदलाव किए गए। जांच में इलेक्ट्रॉनिक सबूत और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की गई है। एजेंसी का कहना है कि टेंडर से जुड़े लोगों के बीच गोपनीय दस्तावेजों और शर्तों को साझा किए जाने के संकेत मिले।
कोर्ट में जमानत पर जोरदार बहस
गिरफ्तारी के बाद सत्येंद्र जैन को अदालत में पेश किया गया। ACB ने उनकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत की मांग की। वहीं जैन के वकील ने गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाते हुए जमानत की मांग की। मामले में अदालत के सामने जांच और गिरफ्तारी के आधार को लेकर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं।
जांच के घेरे में पूर्व DJB CEO भी
सत्येंद्र जैन के साथ पूर्व दिल्ली जल बोर्ड CEO उदित प्रकाश राय समेत पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। ACB कथित टेंडर हेरफेर और पैसे के लेनदेन की कड़ियों की जांच कर रही है।
राजनीतिक आरोप बनाम जांच एजेंसी का दावा
सत्येंद्र जैन और AAP इसे राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तारी कथित टेंडर अनियमितताओं और वित्तीय लेनदेन से जुड़े सबूतों के आधार पर हुई है। फिलहाल मामले में अदालत की कार्यवाही जारी है और आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
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