
Balcony Garden Tips : भारतीय रसोई में इलायची का खास महत्व है। चाय, मिठाइयों, बिरयानी और कई तरह के व्यंजनों में इसकी खुशबू स्वाद को कई गुना बढ़ा देती है। लेकिन बाजार में इलायची की बढ़ती कीमतें आम लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं। ऐसे में अगर आप चाहें तो घर की बालकनी, छत या आंगन में गमले में ही इलायची का पौधा उगाकर इस खर्च को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
इलायची एक उष्णकटिबंधीय पौधा है, जिसे थोड़ी देखभाल और सही वातावरण मिलने पर घर में भी आसानी से उगाया जा सकता है। हालांकि इसमें फलियां आने में समय लगता है, लेकिन एक बार पौधा तैयार हो जाए तो लंबे समय तक ताजी इलायची का आनंद लिया जा सकता है।
अच्छे बीज का करें चयन
इलायची उगाने की शुरुआत सही बीज से होती है। हमेशा ताजे और अच्छी गुणवत्ता वाले बीज ही चुनें। यदि घर में मौजूद इलायची की फली से बीज निकाल रहे हैं, तो ध्यान रखें कि वह हरी और ताजी हो। सूखी या भुनी हुई इलायची के बीज अंकुरित नहीं होते।
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गमला और मिट्टी का रखें सही चुनाव
शुरुआत छोटे गमले या सीडलिंग ट्रे से करें। गमले के नीचे पानी निकलने के लिए छेद होना जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके। मिट्टी हल्की, भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए। इसके लिए बगीचे की मिट्टी, कम्पोस्ट और रेत या कोकोपीट का मिश्रण इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे पौधे की जड़ें बेहतर तरीके से विकसित होती हैं।
बीज लगाने का आसान तरीका
हर गमले में दो से तीन बीज लगभग आधा इंच गहराई में लगाएं। ऊपर से हल्की मिट्टी डालकर दबा दें और स्प्रे बोतल से हल्का पानी दें। एक साथ कई बीज लगाने से अंकुर निकलने की संभावना बढ़ जाती है।
धूप और नमी का रखें ध्यान
इलायची का पौधा सीधी तेज धूप की बजाय हल्की रोशनी और नम वातावरण पसंद करता है। गमले को ऐसी जगह रखें जहां पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी मिले, लेकिन दोपहर की तेज धूप न पड़े। शुरुआती दिनों में नमी बनाए रखने के लिए गमले को हल्के पारदर्शी प्लास्टिक से ढक सकते हैं, लेकिन समय-समय पर हवा लगने देना भी जरूरी है।

संतुलित मात्रा में दें पानी
मिट्टी हमेशा हल्की नम रहनी चाहिए, लेकिन उसमें पानी जमा नहीं होना चाहिए। अधिक पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं और फफूंदी लगने का खतरा बढ़ जाता है। स्प्रे बोतल से हल्की सिंचाई करना सबसे बेहतर तरीका माना जाता है।
अंकुर निकलने में रखें धैर्य
इलायची के बीज जल्दी अंकुरित नहीं होते। सामान्य तौर पर इन्हें दो से चार सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है। इस दौरान मिट्टी की नमी और तापमान का विशेष ध्यान रखें।
बड़े गमले में कब करें शिफ्ट?
जब पौधा लगभग तीन से चार इंच लंबा हो जाए और उस पर दो या तीन असली पत्तियां आ जाएं, तब उसे बड़े गमले में स्थानांतरित करें। बड़े गमले में उपजाऊ और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करें।
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खाद और देखभाल
पौधा थोड़ा बड़ा होने पर हर चार से छह सप्ताह में जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट या संतुलित लिक्विड फर्टिलाइजर दें। इससे पौधे की बढ़वार बेहतर होगी और पत्तियां हरी-भरी रहेंगी।
कब मिलेगी अपनी उगाई हुई इलायची?
इलायची का पौधा धीरे-धीरे विकसित होता है। सामान्यतः दो से तीन साल बाद इसमें फलियां आनी शुरू होती हैं। जब फलियां हरी और पूरी तरह विकसित दिखें, तब उन्हें तोड़कर सुखा लें और एयरटाइट डिब्बे में सुरक्षित रखें।
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