
Ramayana Movie 2026 : निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का ट्रेलर 30 जुलाई को ब्रह्म मुहूर्त में रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर छा गया। फिल्म के भव्य विजुअल्स, शानदार VFX, रणबीर कपूर के भगवान श्रीराम वाले रूप, साई पल्लवी की सीता, यश के रावण अवतार और हंस जिमर व ए.आर. रहमान के दमदार बैकग्राउंड म्यूजिक ने दर्शकों को प्रभावित किया है। लेकिन ट्रेलर सिर्फ शानदार दृश्यों तक सीमित नहीं है। इसमें कई ऐसे पौराणिक संकेत और धार्मिक प्रतीक छिपे हैं, जो रामायण और अन्य हिंदू ग्रंथों से जुड़े गहरे अर्थ प्रस्तुत करते हैं। आइए जानते हैं ट्रेलर में दिखाई गईं उन पांच महत्वपूर्ण पौराणिक झलकियों के बारे में।
1. ऐरावत हाथी: रावण की देवताओं तक पहुंची शक्ति का प्रतीक
ट्रेलर में एक विशाल सफेद दिव्य हाथी युद्ध करता दिखाई देता है। यह कोई साधारण हाथी नहीं, बल्कि देवराज इंद्र का दिव्य वाहन ऐरावत माना जा रहा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऐरावत की उत्पत्ति समुद्र मंथन से हुई थी और बाद में इसे इंद्र का वाहन बनाया गया। ट्रेलर में इसकी मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि फिल्म में रावण द्वारा स्वर्ग लोक पर आक्रमण और उसके पुत्र मेघनाद (इंद्रजीत) की शक्ति को भी दिखाया जा सकता है। यह दृश्य दर्शाता है कि रावण केवल लंका का राजा नहीं, बल्कि देवताओं को चुनौती देने वाला महाशक्तिशाली सम्राट था।

2. पुष्पक विमान: रावण के वैभव और साम्राज्य की झलक
ट्रेलर में आकाश में उड़ता हुआ भव्य पुष्पक विमान भी दिखाई देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिव्य विमान का निर्माण विश्वकर्मा ने भगवान ब्रह्मा के लिए किया था। बाद में यह कुबेर को मिला, लेकिन रावण ने युद्ध में कुबेर को हराकर इसे अपने अधिकार में ले लिया। शास्त्रों में पुष्पक विमान को ऐसा दिव्य विमान बताया गया है, जो मन की गति से उड़ सकता था और जिसमें असीमित लोग यात्रा कर सकते थे। फिल्म में इसका उपयोग केवल यात्रा के साधन के रूप में नहीं, बल्कि रावण के ऐश्वर्य, साम्राज्य और शक्ति के प्रतीक के रूप में किया गया है।

3. स्वर्ण मृग: रामायण की सबसे बड़ी रणनीति
ट्रेलर में एक सुनहरा हिरण भी नजर आता है। यह वास्तव में राक्षस मारीच का रूप है, जिसने रावण के कहने पर स्वर्ण मृग का छल रचा था। सीता की इच्छा पर श्रीराम उस हिरण के पीछे जाते हैं और लक्ष्मण भी आश्रम छोड़ते हैं। इसी अवसर का फायदा उठाकर रावण माता सीता का हरण करता है। रामायण के अनुसार मारीच पहले भी भगवान राम के बाण का सामना कर चुका था और उनकी शक्ति से भयभीत था। इसके बावजूद रावण के दबाव में उसने यह छल किया, जिसने पूरी कथा की दिशा बदल दी।
4. जटायु का बलिदान: धर्म रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण
ट्रेलर में उड़ते हुए विशाल पक्षी की झलक गिद्धराज जटायु की है। जटायु राजा दशरथ के घनिष्ठ मित्र थे और भगवान श्रीराम को पुत्र समान मानते थे। जब रावण माता सीता का हरण कर रहा था, तब वृद्ध होने के बावजूद जटायु ने उससे आकाश में भीषण युद्ध किया। हालांकि रावण ने उन्हें घायल कर दिया, लेकिन जटायु का यह त्याग धर्म, साहस और निस्वार्थ सेवा का अमर प्रतीक माना जाता है। यही घटना आगे चलकर श्रीराम को सीता की खोज और रावण के अंत की ओर ले जाती है।

5. शिवधनुष पिनाक: श्रीराम के दिव्य स्वरूप का प्रमाण
ट्रेलर में भगवान शिव के दिव्य धनुष पिनाक की भी झलक दिखाई देती है। जनकपुरी में आयोजित स्वयंवर में श्रीराम ने इस धनुष को उठाकर जैसे ही प्रत्यंचा चढ़ाई, धनुष टूट गया। इसकी गर्जना सुनकर भगवान शिव के परम भक्त महर्षि परशुराम वहां पहुंचे। परशुराम ने श्रीराम की परीक्षा लेने के लिए अपना वैष्णव धनुष सौंपा। श्रीराम ने सहजता से उसे भी धारण कर लिया। तब परशुराम को यह बोध हुआ कि श्रीराम स्वयं भगवान विष्णु के अवतार हैं और उन्होंने उनका सम्मान करते हुए तपस्या के लिए प्रस्थान किया।

भव्य पैमाने पर तैयार हो रही है ‘रामायण’
फिल्म की पहली झलक इस वर्ष अप्रैल में जारी की गई थी। इसके बाद नई दिल्ली में आयोजित ‘प्रथम संकल्प’ कार्यक्रम और सैन डिएगो कॉमिक-कॉन 2026 में भी फिल्म की विशेष प्रस्तुति दिखाई गई, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली। फिल्म का अंतरराष्ट्रीय वितरण सोनी पिक्चर्स इंटरनेशनल के सहयोग से किया जाएगा। ‘रामायण’ को दो भागों में बनाया जा रहा है।
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