- यमुना में पहली बार हुआ इतना बड़ा हादसा, जानकर सन्नाटा पसरा
कालिया नाग के कहर से थरथर कांप रही यमुना ने तब भी इतनी नरबलि नहीं ली थी, जितनी इस बार हुई। देवरहा बाबा घाट से यमुना में जलक्रीड़ा करने पहुंचे युवकों ने यह कतई नहीं सोचा होगा कि आज उनका अंतिम दिन है। लेकिन एक नाव हादसे ने सभी को काल के गाल में भेज दिया। आखिरी शव की पहचान पंकज मल्होत्रा के रूप में हुई है। वृंदावन में यमुना नदी में हुए नाव हादसे में राहत और बचाव कार्य अब समाप्त हो गया है। लापता अंतिम व्यक्ति का शव मिलने के बाद इस हादसे में मरने वालों की संख्या 16 तक पहुंच गई है। यह खबर सामने आते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतक की पहचान पंकज मल्होत्रा के रूप में हुई है, जिनकी तलाश पिछले कई दिनों से जारी थी। गोताखोरों की टीम ने देवराह बाबा घाट और पानीगांव के बीच उनका शव बरामद किया। इस खोज के साथ ही सर्च ऑपरेशन को आधिकारिक रूप से समाप्त घोषित कर दिया गया है।
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यह हादसा पिछले शुक्रवार को केसी घाट के पास हुआ था, जब एक मोटर बोट अचानक पलट गई थी। नाव में सवार कई लोग नदी में गिर गए, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। शुरुआत में 10 लोगों के शव बरामद किए गए थे, लेकिन कुछ लोग लापता थे। तो वहीं NDRF और SDRF की टीमों ने लगातार कई दिनों तक अभियान चलाया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने पूरी मेहनत से सभी लापता लोगों को खोज निकाला। इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नाव में सुरक्षा के उचित इंतजाम होते, तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता। अब जबकि सर्च ऑपरेशन समाप्त हो चुका है, प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
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