- आयोग का जिला प्रशासन पर सहयोग नहीं करने का आरोप
नया लुक ब्यूरो
रांची/हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के कुसुंभा गांव में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की तीन सदस्यीय टीम ने दो अप्रैल 2026 को जांच की। एनसीडब्ल्यू की टीम (ममता कुमारी, मनमोहन वर्मा, कंचन खट्टर) ने घटनास्थल का दौरा किया, पीड़ित परिवार, पड़ोसियों और स्थानीय लोगों से बात की। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के साक्ष्य: प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि हत्या के पीछे कथित तांत्रिक अनुष्ठान (Sacrificial ritual/Occult practice) “हो सकता है” । महिला तांत्रिक शांति देवी और मां रेशमी देवी की संलिप्तता का संदेह जताया गया।
आरोपियों से पूछताछ: टीम ने मामले में गिरफ्तार की गई मृतका की मां रेशमी देवी और तांत्रिक से जुड़े लोगों से बातचीत की। मृतका की मां पर अपने ही बेटे की बीमारी के इलाज के लिए तांत्रिक के कहने पर बेटी की हत्या करने का आरोप है। साक्ष्यों के रूप में पूजास्थल का निरीक्षण: टीम ने तांत्रिक के घर और उस पूजास्थल का निरीक्षण किया जहां तांत्रिक अनुष्ठान होने की बात कही जा रही थी। पुलिस की भूमिका पर सवाल: NCW पैनल ने बताया कि स्थानीय पुलिस ने जांच के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज अभी तक उन्हें नहीं सौंपे हैं। टीम की चिंता: आयोग ने मामले में की गई बर्बरता पर चिंता जताई और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि कोई निर्दोष न फंसे और अपराधियों को सख्त सजा मिले। फिलहाल, टीम ने स्थानीय प्रशासन से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है और 10 कार्य दिवसों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट आयोग को सौंपेगी।
