भारत में एक बार फिर भूकंप के झटकों ने लोगों को डरा दिया। शुक्रवार तड़के सिक्किम की राजधानी गंगटोक में लगातार दो बार धरती कांपी, जिससे लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इन झटकों से किसी तरह के नुकसान या चोट की कोई खबर सामने नहीं आई है। मिली जानकारी के अनुसार, पहला भूकंप सुबह करीब 4:26 बजे आया जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 दर्ज की गई। इसके कुछ समय बाद दूसरा झटका महसूस हुआ जिसकी तीव्रता 2.7 थी। दोनों ही भूकंप कम तीव्रता के थे, लेकिन अचानक आए झटकों ने लोगों को सतर्क कर दिया।
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अब सवाल उठता है कि आखिर भूकंप क्यों आते हैं? दरअसल, हमारी धरती कई टेक्टोनिक प्लेट्स से बनी हुई है, जो लगातार हलचल करती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो ऊर्जा निकलती है और धरती कांपने लगती है। यही प्रक्रिया भूकंप का कारण बनती है। भारत के कई हिस्से भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। वैज्ञानिकों ने देश को चार जोन में बांटा है—जोन-2 से लेकर जोन-5 तक। इनमें जोन-5 सबसे ज्यादा खतरनाक होता है, जहां तेज भूकंप आने की संभावना रहती है। हिमालयी क्षेत्र, पूर्वोत्तर राज्य और कच्छ जैसे इलाके ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं।
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रिक्टर स्केल के आधार पर भूकंप की तीव्रता को मापा जाता है। कम तीव्रता के भूकंप आमतौर पर नुकसान नहीं पहुंचाते, लेकिन जैसे-जैसे तीव्रता बढ़ती है, खतरा भी बढ़ जाता है। 7 या उससे ज्यादा तीव्रता के भूकंप बड़े पैमाने पर तबाही ला सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि हमें भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
