- इससे पहले जौनपुर जिले में भी मांझा से गला कटने से एक शिक्षक व फिजियोथेरेपी की मौत हो गई थी
- गर्दन पर गहरा घाव, अस्पताल में हुई मौत
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। अदालत के रोक के बाद भी यूपी में चाइनीज मांझा बनाने व खरीद-फरोख्त का सिलसिला बदस्तूर जारी है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। जौनपुर जिले में बीते दिनों फिजियोथेरेपी और शिक्षक की प्रतिबंधित मांझे से गला कटने से हुई मौत का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि अब राजधानी लखनऊ में भी बुधवार को ऐसा ही एक दर्दनाक मामला सामने आया है। जारखाला थाना क्षेत्र में दुबग्गा निवासी 33 वर्षीय शोएब की प्रतिबंधित मांझा से गला कटने से मौत हो गई। मांझे गले की नस कटने से गहरा घाव हो गया था। घरवालों ने उसे आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां शोएब ने दम तोड़ दिया।
शोएब की मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
ये भी पढ़े
दुबग्गा क्षेत्र निवासी 33 वर्षीय शोएब किसी काम शहर की ओर आ रहे थे कि जैसे ही बाजारखाला थाना क्षेत्र में पहुंचे कि तभी किसी पतंगबाज के प्रतिबंधित मांझे से गले की नस कट गई और वहीं लड़खड़ाकर गिर पड़ा। घायल हुए शोएब को इलाज के लिए ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां अधिक खून निकलने से उसकी मौत हो गई। कौन पतंगबाज पतंग उड़ा रहा था इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है।
अदालत के आदेश पर भी चाइनीज मांझा बनाने और खरीद-फरोख्त नहीं लग पा रही रोक
राजधानी लखनऊ सहित यूपी के अलग-अलग जिलों में प्रतिबंधित मांझे से घायल और गला कटने से हुई मौत को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगाने का फरमान जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद पतंगबाज पतंग उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
