मटर भारतीय रसोई का ऐसा हिस्सा है, जो हर मौसम और हर उम्र के लोगों के लिए खास मानी जाती है। लेकिन जब बाजार में हरी और पीली—दोनों तरह की मटर दिखती हैं, तो अक्सर भ्रम की स्थिति बन जाती है। सवाल यही होता है कि आखिर कौन सी मटर ज्यादा फायदेमंद है?
सर्दियों में मिलने वाली कच्ची हरी मटर ताजगी और मिठास से भरपूर होती है। यह सीजन खत्म होते ही फ्रोजन रूप में इस्तेमाल की जाती है। वहीं पीली मटर, जो सूखने के बाद तैयार होती है, सालभर उपलब्ध रहती है और दाल, सूप व स्नैक्स में खूब इस्तेमाल होती है।
स्वाद और बनावट का अंतर
हरी मटर का स्वाद हल्का मीठा और रसीला होता है, जबकि पीली मटर का स्वाद थोड़ा नटी और मिट्टी जैसा माना जाता है। यही वजह है कि चाट, सब्जी और पुलाव में हरी मटर पसंद की जाती है, जबकि दाल और सूप के लिए पीली मटर ज्यादा इस्तेमाल होती है।
पोषण का पावरहाउस
दोनों मटर पोषण का खजाना हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, फाइबर पाचन सुधारता है और आयरन खून की कमी से बचाता है। बी-विटामिन्स शरीर को एनर्जी देते हैं, जबकि पोटेशियम और मैग्नीशियम हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करते हैं।
फिटनेस और वजन घटाने में भूमिका
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए मटर किसी सुपरफूड से कम नहीं। यह भूख को नियंत्रित करती है और मेटाबॉलिज्म को तेज करती है। मटर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन कम करते हैं और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।
पीली मटर का एक खास फायदा यह भी है कि इसका इस्तेमाल प्लांट-बेस्ड प्रोटीन सप्लीमेंट्स में किया जाता है। यही वजह है कि जिम जाने वाले और वेगन लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं।
कौन सी चुनें?
अगर आप ताजे स्वाद और रंगीन डिश चाहते हैं, तो हरी मटर बेहतर है। वहीं अगर पौष्टिक, लंबे समय तक चलने वाला और प्रोटीन से भरपूर विकल्प चाहिए, तो पीली मटर चुन सकते हैं।
