उमेश चन्द्र त्रिपाठी
महराजगंज। महराजगंज जनपद के नौतनवां-गोरखपुर रेल रूट पर स्थित लोक विद्यापीठ नगर स्टेशन के पास आज गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। घने कोहरे के कारण रेल ट्रैक पार कर रहा पशुओं का एक बड़ा झुंड पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया। इस भीषण टक्कर में 10 पशुओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3 गंभीर रूप से घायल हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बेजुबान जानवर करीब एक किलोमीटर तक ट्रैक पर घिसटते चले गए। मिली जानकारी के अनुसार, गोरखपुर की ओर जा रही पैसेंजर ट्रेन जब पुल संख्या आठ अंडरपास के पास पहुंची, तो ट्रैक पर पशुओं का झुंड मौजूद था। विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने के कारण लोको पायलट को झुंड दिखाई नहीं दिया और तेज रफ्तार ट्रेन उनसे टकरा गई। हादसे में एक नीलगाय, चार सांड और पांच गायों की मौत हो गई। दर्दनाक बात यह है कि मरने वाली गायों में एक गर्भवती भी थी।
गनीमत रहा कि इतनी बड़ी टक्कर के बावजूद ट्रेन पटरी से नहीं उतरी, अन्यथा यात्रियों की जान पर बन सकती थी। दुर्घटना के बाद ट्रेन काफी देर तक मौके पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों में अफरातफरी का माहौल रहा। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम फरेंदा शैलेंद्र गौतम, सीओ बसंत सिंह, तहसीलदार वशिष्ठ वर्मा और पशु चिकित्साधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने बचे हुए तीन घायल पशुओं का तत्काल मौके पर इलाज कराया और उन्हें मधुकरपुर महदेवा गौशाला भिजवा दिया। मृत पशुओं का वहीं पर पोस्टमॉर्टम कराया गया और बाद में उन्हें वन क्षेत्र (जंगल) में सम्मानजनक तरीके से दफन करा दिया गया।
एसडीएम फरेंदा शैलेंद्र गौतम ने घटना पर दुःख व्यक्त करते हुए कहा- “अत्यधिक कोहरे और जंगल से पशुओं का झुंड अचानक ट्रैक पर आ जाने के कारण यह दुखद हादसा हुआ। हमने तत्काल राहत कार्य करते हुए घायलों को गौशाला भिजवाया है और मृत पशुओं का निस्तारण नियमों के तहत कर दिया गया है। हादसे के बाद रेलवे ट्रैक को साफ कर ट्रेन को आनंदनगर स्टेशन के लिए रवाना किया गया। इस घटना ने एक बार फिर कोहरे के दौरान रेल परिचालन और ट्रैक के आसपास पशुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
