- पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है
- विभूतिखंड क्षेत्र में हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। विभूतिखंड क्षेत्र के डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल के गेट नंबर आठ के बाहर खड़ी एंबुलेंस के भीतर 42 वर्षीय चालक वीरेंद्र कुमार विश्वकर्मा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। सोमवार को उनका शव एंबुलेंस के भीतर पड़ा मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में चालक वीरेंद्र को अस्पताल भिजवाया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पूरे घटनाक्रम पर एक नजर
मूल रूप से सीतापुर जिले के सदर पुर थाना क्षेत्र स्थित बन गौवा गांव निवासी 42 वर्षीय वीरेंद्र कुमार विश्वकर्मा अनिल कुमार बाल्मीकि की एंबुलेंस यूपी 32 एच एन 4503 चलाता था। बताया जा रहा है कि रोज की तरह वीरेंद्र कुमार विश्वकर्मा डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल के गेट नंबर आठ के बाहर एंबुलेंस खड़ी किया था। बताया जा रहा है कि आसपास में खड़ी करने वाले एंबुलेंस चालकों ने देखा कि वीरेंद्र कुमार विश्वकर्मा काफी देर से एंबुलेंस से बाहर नहीं निकला। पास में जाकर देखा कि वह कुछ बोल नहीं रहा है।
इस पर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस आनन-फानन में एंबुलेंस से निकलवाकर वीरेंद्र को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस उपायुक्त अपराध ने बताया इसकी सूचना घरवालों को दे दी गई है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि एंबुलेंस चालक वीरेंद्र कुमार विश्वकर्मा की मौत कैसे हुई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर रही है।
