
Ujjain: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाए जाने को लेकर सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और पुलिस के मुताबिक, सुरक्षाबलों पर पथराव की कोशिश भी की गई।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। उज्जैन के SP प्रदीप शर्मा के मुताबिक, एहतियात के तौर पर पूरे शहर में अलर्ट जारी किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों को तैनात किया गया है। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की टीमों को भी मौके पर लगाया गया है।
प्रशासन ने शाही मस्जिद के आसपास करीब 500 मीटर के क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आवाजाही प्रतिबंधित कर दी है। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों ने आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बनी।
सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों से जुड़ा है मामला
विवाद उज्जैन में आगामी सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के तहत प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ा है। इस परियोजना के तहत खजराना वाली मस्जिद से गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबी सड़क को चौड़ा किया जाना है। इसके लिए शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाया जाना प्रस्तावित है।
रिपोर्ट के मुताबिक, समुदाय के कुछ सदस्यों ने सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के एक हिस्से को खुद हटाया था। हालांकि, परियोजना को लेकर अलग-अलग समूहों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं।
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करीब 9.8 करोड़ रुपये की इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत 272 संरचनाओं के प्रभावित होने की बात कही गई है। इनमें कुछ धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि सिंहस्थ के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए सड़क को चौड़ा किया जा रहा है।
इमरान प्रतापगढ़ी ने जताई आपत्ति
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मस्जिद परिसर के हिस्से को हटाए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने राज्य सरकार और प्रशासन से लोगों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील की। प्रतापगढ़ी ने दावा किया कि यह मामला अदालत में लंबित है और प्रशासन को सड़क चौड़ीकरण के लिए वैकल्पिक भूमि पर विचार करना चाहिए।
मोहन यादव का पैतृक मकान भी परियोजना की जद में
इसी सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव के उज्जैन स्थित पैतृक मकान का एक हिस्सा भी प्रभावित हो रहा है। रविवार को मुख्यमंत्री ने खुद मौके पर पहुंचकर अपने पैतृक मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया में फावड़ा चलाया था।
प्रशासन के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य सिंहस्थ कुंभ के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात को सुचारु करना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को आसान बनाना है। फिलहाल तनाव को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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