
Virat Kohli: विराट कोहली का नाम जब भी रिकॉर्ड बुक में ऊपर आता है, क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर से उनकी तुलना शुरू हो जाती है। दोनों भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित बल्लेबाजों में शामिल हैं और कोहली कई मामलों में सचिन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। लेकिन खुद विराट कोहली इस तुलना को ज्यादा तवज्जो नहीं देते।
वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले वनडे में 139 रन की नाबाद पारी के साथ कोहली ने अपना 55वां वनडे शतक पूरा किया। इसी पारी के दौरान उन्होंने वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन भी पूरे किए और इस मुकाम तक पहुंचने वाले दूसरे बल्लेबाज बने। कोहली ने 303 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की, जबकि सचिन तेंदुलकर ने 377 पारियों में 15 हजार वनडे रन पूरे किए थे।
‘सचिन पाजी हमेशा सचिन पाजी रहेंगे’
कोहली ने कहा कि सचिन ने अपने 24 साल के करियर में क्रिकेट के लिए जो किया, वह आंकड़ों और तुलना से कहीं आगे की बात है। उनके मुताबिक, सचिन ने अपने दौर में इस खेल में एक तरह की क्रांति ला दी और लोगों पर उनकी छाप को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
कोहली ने यह भी कहा कि इंसान को अपने प्रदर्शन के बावजूद हमेशा जमीन से जुड़ा रहना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर खिलाड़ी के अंदर यह भावना आ जाए कि वह बाकी सभी से बेहतर है, तो वहीं से सब कुछ खत्म होना शुरू हो जाता है।
‘मैंने खुद को कभी ऐसा नहीं देखा कि सब हासिल कर लिया’
कोहली ने कहा कि उन्होंने कभी खुद को ऐसा व्यक्ति नहीं माना जिसने सब कुछ हासिल कर लिया हो। उनके लिए लगातार मेहनत करना, तैयारी करना और खेल में सही चीजें करते रहना ज्यादा महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि खिलाड़ी उपलब्धियों से संतुष्ट हो सकता है, लेकिन उसे अपने भीतर अहंकार नहीं आने देना चाहिए। यही सोच उनके लंबे क्रिकेट करियर का हिस्सा रही है।
उपलब्धियां लक्ष्य नहीं, टीम के लिए योगदान जरूरी
विराट ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका ध्यान कभी व्यक्तिगत उपलब्धियों पर नहीं रहा। उनका फोकस हमेशा मैच की परिस्थिति को समझने और टीम के लिए अपना काम करने पर रहा है। रिकॉर्ड और उपलब्धियां इसी प्रक्रिया में अपने आप आती हैं।
ये भी पढें
वेस्टइंडीज के खिलाफ उनकी 139 रन की पारी भी इसी सोच का उदाहरण रही। भारत ने 296 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 41.4 ओवर में जीत हासिल की और कोहली नाबाद लौटे। उनकी पारी में 10 चौके और नौ छक्के शामिल रहे।
सचिन का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, सम्मान में कोई कमी नहीं
तिरुवनंतपुरम में कोहली ने सचिन तेंदुलकर के दो बड़े वनडे रिकॉर्ड पीछे छोड़े। वह 15 हजार वनडे रन तक सबसे तेज पहुंचने वाले बल्लेबाज बने और भारत में वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में भी सचिन को पीछे छोड़ दिया। कोहली के भारत में वनडे रन 7006 हो गए, जबकि सचिन के नाम 6976 रन थे।
हालांकि, रिकॉर्ड टूटने के बावजूद कोहली के शब्दों में सचिन के लिए सम्मान साफ दिखाई दिया। यही इस पूरी कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू है—रिकॉर्ड की दौड़ अपनी जगह है, लेकिन विराट के लिए सचिन की विरासत उससे कहीं बड़ी है।
अपनी छवि को लेकर भी बोले कोहली
विराट ने लोगों की नजरों में अपनी छवि को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि प्रशंसक उन्हें उनकी बल्लेबाजी, प्रदर्शन और क्रिकेट के जरिए जानते हैं, लेकिन वह खुद को उस नजरिए से नहीं देखते, जिस तरह लोग उन्हें देखते हैं।
उनके मुताबिक, लोग उन्हें दूर से देखते हैं और उनकी एक छवि बना लेते हैं, जबकि वह जानते हैं कि वह कहां से आए हैं। कोहली ने कहा कि इंसान को अपनी असली पहचान से कभी दूर नहीं होना चाहिए।
55वां शतक, 15 हजार रन और फिर वही विनम्रता
वेस्टइंडीज के खिलाफ 139* रन की पारी विराट कोहली के करियर की एक और यादगार पारी बन गई। इस दौरान उन्होंने 55वां वनडे शतक पूरा किया और 15 हजार वनडे रन के क्लब में भी जगह बनाई।
लेकिन इन तमाम रिकॉर्ड्स के बीच विराट कोहली का संदेश बिल्कुल स्पष्ट रहा—उपलब्धियां आती-जाती रहेंगी, लेकिन खिलाड़ी का काम लगातार मेहनत करना और टीम के लिए योगदान देना है।
सचिन तेंदुलकर से तुलना पर विराट का नजरिया भी इसी सोच को दिखाता है। उनके लिए सचिन सिर्फ एक रिकॉर्ड या आंकड़ा नहीं हैं, बल्कि भारतीय क्रिकेट पर गहरी छाप छोड़ने वाली एक विरासत हैं। और शायद यही वजह है कि रिकॉर्ड की किताब में सचिन के करीब पहुंचने के बावजूद विराट खुद को उनसे तुलना करने की बजाय उनके योगदान को सम्मान देना पसंद करते हैं।
नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews
संतान न होने पर श्राद्ध कौन करता है? गरुड़ पुराण में बताए गए हैं ये नियम
दिल्ली-NCR में गैंगरेप केसेज पर चढ़े सुप्रीम कोर्ट के तेवर
उज्जैन में मस्जिद का हिस्सा हटाने पर पथराव, पुलिस ने छोड़ी टियर गैस
थाना निचलौल क्षेत्रान्तर्गत ‘टेल फॉल’ एवं ‘बलुआ टोला गेडहवा’ का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण
विश्व पर्यटन दिवस पर सोनौली बार्डर पर पर्यटकों की जांच प्रक्रिया को सरल और सहज बनाने पर जोर


2 thoughts on “सचिन से तुलना पर बोले विराट, ‘ईगो आया तो सब खत्म’”
Comments are closed.