
Greater Noida : यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात स्लीपर बस में लगी भीषण आग ने नौ यात्रियों की जान ले ली। हादसे के वक्त बस में करीब 35 यात्री सवार थे। आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। हादसे के बाद अब बस की फिटनेस, सुरक्षा इंतजाम और यातायात नियमों के उल्लंघन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
जानकारी के मुताबिक, बस नोएडा से महोबा की ओर जा रही थी। जेवर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर अचानक बस में आग लग गई। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में एसी में स्पार्क या ब्लास्ट के बाद इंजन के लुब्रिकेटिंग ऑयल में आग लगने की बात सामने आई है। आग देखते ही देखते पूरी बस में फैल गई। कुछ यात्रियों ने बताया कि बस में आग लगने से पहले उन्हें जलने की गंध महसूस हुई थी। यात्रियों के मुताबिक, उन्होंने ड्राइवर को इसकी जानकारी भी दी थी। इस मामले में ड्राइवर के बस नहीं रोकने को लेकर भी आरोप सामने आए हैं। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
यात्रियों की मौत, कई ने कूदकर बचाई जान
आग लगते ही बस में अफरा-तफरी मच गई। कुछ यात्री किसी तरह बस से बाहर निकल गए, जबकि कई लोगों ने खिड़कियों से कूदकर अपनी जान बचाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धुआं इतनी तेजी से फैला कि अंदर फंसे यात्रियों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया। पुलिस के अनुसार, हादसे में 9 लोगों की मौत हुई है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की मौत जलने और दम घुटने से हुई। राहत और बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और यात्रियों को बाहर निकाला।
बस के रिकॉर्ड को लेकर भी उठे सवाल
हादसे के बाद बस के ट्रैफिक रिकॉर्ड को लेकर भी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक बस पर 19 लंबित चालान थे, जिनकी कुल राशि करीब 1.75 लाख रुपये बताई गई है। वहीं, आजतक की रिपोर्ट में अलग-अलग चालानों के आधार पर 64,400 रुपये बकाया होने की बात कही गई है। इसलिए चालान की अंतिम रकम आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट होना बाकी है। रिपोर्टों में ओवरस्पीडिंग, परमिट से जुड़े उल्लंघन और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन से संबंधित चालानों का जिक्र है। दैनिक जागरण के मुताबिक, जनवरी 2026 में कम उम्र के चालक से बस चलवाने को लेकर भी चालान हुआ था।
ड्राइवर और कंडक्टर हिरासत में
हादसे के बाद ड्राइवर और कंडक्टर मौके से निकल गए थे। पुलिस ने बाद में दोनों को पकड़ लिया। मामले में केस दर्ज कर हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बस में जरूरी सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे या नहीं और आग लगने के बाद यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए क्या कदम उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख जताया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य तथा घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की गई है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड के बाद बस की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरणों, ड्राइवर-कंडक्टर की भूमिका और पुराने यातायात उल्लंघनों को लेकर जांच तेज हो गई है। फिलहाल एसी से निकली चिंगारी या ब्लास्ट को आग की शुरुआती वजह माना जा रहा है, लेकिन हादसे में सुरक्षा संबंधी किसी लापरवाही की भूमिका थी या नहीं, यह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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