तंबूरा और गायन ने सुनील लोधी को दिया यह मकाम

गांव की चौपाल से बॉलीवुड तक पहुंचा नेत्रहीन सिंगर

Sunil Lodhi: फिल्म इंडस्ट्री में कई बार ऐसी कहानियां सामने आती हैं, जो लोगों के दिल को छू जाती हैं। ऐसी ही कहानी है बुंदेलखंड के रहने वाले सुनील लोधी की। न कोई फिल्मी बैकग्राउंड, न बड़े मंच और न ही किसी बड़े म्यूजिक स्कूल की ट्रेनिंग… सुनील ने अपनी देसी आवाज और तंबूरे के सहारे लोगों के दिलों में जगह बनाई।

इन दिनों सुनील लोधी फिल्म ‘हनुमान अंश में गाए भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और सुनील की आवाज भी लोगों का ध्यान खींच रही है।

जन्म से नहीं देख पाए दुनिया

सुनील लोधी का जन्म बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव में एक बेहद साधारण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार में हुआ। जन्म से ही उनकी आंखों की रोशनी नहीं थी। परिवार ने उनकी आंखों का इलाज कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन उनकी रोशनी वापस नहीं आ सकी।

आर्थिक परेशानियों और नेत्रहीन होने की वजह से सुनील अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाए। जिंदगी में मुश्किलें लगातार बनी रहीं, लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार नहीं मानी।

संगीत और भक्ति को बनाया जिंदगी का सहारा

जब पढ़ाई और दूसरे रास्ते मुश्किल नजर आए, तो सुनील ने संगीत को अपना सहारा बना लिया। उन्होंने गांव की चौपालों, धार्मिक आयोजनों और स्थानीय कार्यक्रमों में बुंदेली लोकगीत और भजन गाना शुरू किया। उनकी पहचान उनकी सादगी भरी आवाज और पारंपरिक तंबूरे से बनी।

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वह गांव-गांव जाकर भजन गाते थे। ट्रेनों और स्थानीय आयोजनों में भी उनकी आवाज सुनाई देती थी। धीरे-धीरे लोगों को उनकी आवाज पसंद आने लगी, लेकिन सुनील की असली पहचान सोशल मीडिया के जरिए बनी।

2019 में बदली जिंदगी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2019 में सुनील की मुलाकात यूट्यूबर रोहित साहू से हुई। रोहित ने सुनील को भजन गाते हुए सुना और उनकी परफॉर्मेंस रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू किया।

इसके बाद सुनील के बुंदेली लोकगीत और भजन इंटरनेट पर तेजी से वायरल होने लगे। उनके वीडियो को लाखों व्यूज मिलने लगे और गांव के एक साधारण भजन गायक की आवाज धीरे-धीरे देशभर के लोगों तक पहुंचने लगी।

‘ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान’ ने दिलाई बड़ी पहचान

सुनील लोधी की जिंदगी में बड़ा मोड़ उनके पारंपरिक हनुमान भजन ‘ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान’ से आया। तंबूरे की सादगी और उनकी खास देसी आवाज में गाए इस भजन को सोशल मीडिया पर लोगों ने खूब पसंद किया।

भजन के वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग सुनील के बारे में जानना चाहते थे। यही वायरल लोकप्रियता आगे चलकर उनके लिए फिल्म इंडस्ट्री का दरवाजा खोलने वाली साबित हुई।

ऐसे मिला ‘हनुमान अंश’ में गाने का मौका

सुनील का वायरल भजन ‘हनुमान अंश’ के मेकर्स तक पहुंचा। उनकी आवाज से प्रभावित होकर उन्हें भक्ति गीत रिकॉर्ड करने के लिए मुंबई बुलाया गया। फिल्म में सुनील ने ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ भजन गाया है। उनकी आवाज में बुंदेली मिट्टी की खुशबू, भक्ति और सादगी का ऐसा मेल है, जो गीत को अलग पहचान देता है।

आज जिस सुनील लोधी की आवाज बड़े पर्दे पर सुनाई दे रही है, उन्होंने कभी गांव की चौपालों और धार्मिक आयोजनों से अपनी शुरुआत की थी। जन्म से आंखों की रोशनी न होने के बावजूद उन्होंने अपनी आवाज को अपनी पहचान बनाया और संघर्ष के रास्ते से होते हुए फिल्मी दुनिया तक पहुंचे।

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