डॉ. संतोष शुक्ल को मिला प्रतिष्ठित ‘आचार्य नरेन्द्र देव सम्मान-2026’
Pratapgarh : की धरती ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा, मेधा और ज्ञान-परंपरा का परचम राष्ट्रीय मंच पर लहराया है। शिक्षा, शोध और लेखन के क्षेत्र में वर्षों से निरंतर सक्रिय रहकर उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतापगढ़ निवासी डॉ. संतोष कुमार शुक्ल को प्रतिष्ठित ‘आचार्य नरेन्द्र देव सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।
अम्बेडकरनगर में आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. शुक्ल को यह सम्मान उनकी दीर्घकालीन शैक्षिक सेवाओं, शोधपरक कार्यों, लेखन और शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह उपलब्धि उनके व्यक्तिगत जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि होने के साथ-साथ प्रतापगढ़ और पूरे प्रयागराज मंडल के लिए भी गर्व और गौरव का विषय बन गई है।
जब प्रतापगढ़ की प्रतिभा पहुंची राष्ट्रीय मंच तक
किसी जनपद की पहचान केवल उसकी ऐतिहासिक विरासत, संस्कृति और भौगोलिक सीमाओं से नहीं होती, बल्कि वहां से निकलने वाली प्रतिभाएं उस जनपद की वास्तविक पहचान बनती हैं। डॉ. संतोष कुमार शुक्ल का सम्मान इसी गौरवशाली परंपरा की एक मजबूत कड़ी है।
प्रतापगढ़ की मिट्टी से निकलकर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले डॉ. शुक्ल ने अपने ज्ञान, अनुभव, शोध और लेखन के माध्यम से न केवल स्वयं को स्थापित किया, बल्कि अपनी जन्मभूमि प्रतापगढ़ का नाम भी प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित यात्रा
डॉ. संतोष कुमार शुक्ल वर्तमान में लाल बहादुर शास्त्री इंटरमीडिएट कॉलेज, प्रयागराज के प्रधानाचार्य तथा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।
शिक्षा को केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार मानने वाले डॉ. शुक्ल ने अपने कार्यक्षेत्र में शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षक हित, विद्यार्थियों के विकास और शिक्षा से जुड़े व्यापक विषयों पर निरंतर कार्य किया है।
उनका शैक्षिक एवं बौद्धिक योगदान उनके लेखन और शोध कार्यों में भी स्पष्ट दिखाई देता है। 8 अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रों में लेखन तथा 7 पुस्तकों के लेखक के रूप में उन्होंने शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में अपनी सक्रिय एवं प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है।
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प्रतिभा अलंकरण दिवस पर मिला सम्मान
6 सितम्बर 2026 को प्रतिभा अलंकरण दिवस के अवसर पर ए.आर.एस. परिवार द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. संतोष कुमार शुक्ल को ‘आचार्य नरेन्द्र देव सम्मान-2026’ प्रदान किया गया।
समारोह में ए.आर.एस. परिवार के निदेशक डॉ. पवन कुमार तिवारी ने डॉ. शुक्ल के शैक्षिक, शोध, लेखन एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उनके समर्पण और दीर्घकालीन सेवाओं को उल्लेखनीय बताया।
उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर समाज और विद्यार्थियों के भविष्य को दिशा देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान को शिक्षा, ज्ञान और सामाजिक उत्तरदायित्व की परंपरा का सम्मान बताया।
सम्मान नहीं, नई जिम्मेदारी का संदेश
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. संतोष कुमार शुक्ल ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस सम्मान को अपने लिए नई जिम्मेदारी, नई ऊर्जा और समाज के प्रति अपने दायित्व को और अधिक मजबूती से निभाने की प्रेरणा बताया।
उन्होंने शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे प्रभावशाली शक्ति बताते हुए शिक्षा के क्षेत्र में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते रहने का संकल्प व्यक्त किया।
प्रतापगढ़ के शिक्षकों और युवाओं के लिए प्रेरणा
डॉ. संतोष कुमार शुक्ल की यह उपलब्धि केवल एक सम्मान तक सीमित नहीं है। यह उन विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने ज्ञान और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
उनकी यात्रा यह संदेश देती है कि निरंतर सीखने की जिज्ञासा, शोध की प्रवृत्ति, लेखन की साधना और समाज के प्रति प्रतिबद्धता किसी भी प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिला सकती है।
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उनका सम्मान प्रतापगढ़ के उन युवा विद्यार्थियों और प्रतिभाओं के लिए भी उत्साह का विषय है, जो अपने जनपद से निकलकर प्रदेश और देश के बड़े मंचों पर अपनी पहचान बनाने का सपना देख रहे हैं।
प्रतापगढ़ की गौरवगाथा में जुड़ा नया अध्याय
प्रतापगढ़ की पहचान उसकी गौरवशाली ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ शिक्षा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों से भी रही है। डॉ. संतोष कुमार शुक्ल ने इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने कार्यों से जनपद का मान और सम्मान बढ़ाया है।
‘आचार्य नरेन्द्र देव सम्मान-2026’ उनके वर्षों के शैक्षिक समर्पण, शोधपरक चिंतन और बौद्धिक योगदान का सम्मान है। अम्बेडकरनगर में मिला यह सम्मान प्रतापगढ़ के लिए इसलिए भी विशेष है क्योंकि इसकी उपलब्धि केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसकी जन्मभूमि की प्रतिष्ठा और पहचान को भी नई ऊंचाई प्रदान करती है।
डॉ. संतोष कुमार शुक्ल की उपलब्धि प्रतापगढ़ की उस उर्वर मिट्टी की कहानी कहती है, जिसने सदैव प्रतिभाओं को जन्म दिया और उन्हें अपनी क्षमता के बल पर प्रदेश, देश और व्यापक मंचों तक पहुंचने का अवसर दिया।
प्रतापगढ़ से प्रयागराज मंडल तक गौरव की गूंज
अम्बेडकरनगर में मिला यह सम्मान डॉ. संतोष कुमार शुक्ल की व्यक्तिगत उपलब्धि भर नहीं, बल्कि प्रतापगढ़ की प्रतिभा, प्रयागराज मंडल की शैक्षिक चेतना और उत्तर प्रदेश की ज्ञान-परंपरा का भी गौरवपूर्ण सम्मान है।
एक ओर जहां डॉ. शुक्ल ने अपनी जन्मभूमि प्रतापगढ़ का नाम राष्ट्रीय पटल पर रोशन किया है, वहीं प्रयागराज में शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने पूरे प्रयागराज मंडल की शैक्षिक गरिमा को भी नई पहचान दी है।
उनका यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का संदेश है कि प्रतिभा जब ज्ञान से जुड़ती है, ज्ञान जब साधना से जुड़ता है और साधना जब समाजसेवा से जुड़ती है, तो उसकी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं रहती—वह पूरे समाज की पूंजी बन जाती है।
अम्बेडकरनगर की धरती से मिला ‘आचार्य नरेन्द्र देव सम्मान-2026’ डॉ. संतोष कुमार शुक्ल के सम्मान के साथ-साथ प्रतापगढ़ की प्रतिभा, प्रयागराज मंडल की शैक्षिक चेतना और गौरवशाली ज्ञान-परंपरा के सम्मान का प्रतीक बन गया है। यह उपलब्धि प्रतापगढ़ के गौरव-पटल पर जुड़ा एक और स्वर्णिम अध्याय है।
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