
तीन बहनों के बीच इकलौता बेटा था आदर्श मिश्रा
माता-पिता और बहनों के आंसू थम नहीं रहे हैं
हमेशा के लिए परिवार को टीस दे गया तुषार, घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल
ए अहमद सौदागर
Lucknow: इकलौते बेटे और जीवन के आखिरी सहारा आदर्श मिश्रा तुषार को खोने के बाद पिता प्रमोद मिश्रा, मां शीला और तीन बहनों के आंसू थम नहीं रहे हैं। आदर्श मिश्रा की मौत ने खुशहाल जिंदगी में अंधेरा कर दिया। आगामी शुक्रवार को रक्षाबंधन पर्व है और भाई आदर्श मिश्रा तुषार की कलाई में राखी बांधने के लिए जोरों पर तैयारियां कर रहीं थीं, उन्हें क्या पता था कि जिस इकलौते भाई की कलाई में राखी बांधने का इंतजार कर रही है वह अब इस दुनिया में नहीं है। तीनों बहनें और परिवारीजन यही सोचकर फफक पड़े कि राखी बांधने से पहले उन बहनों के भाई की अर्थी उठ गई।
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मूल रूप से संतकबीरनगर जिले के रहने वाले प्रमोद मिश्रा बिजली विभाग में लाइनमैन के पद पर नौकरी करते हैं। बताया जा रहा है कि उनका इकलौता बेटा आदर्श मिश्रा तुषार BBD थाना क्षेत्र के गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से बीटेक द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। आदर्श BBD क्षेत्र में किराए पर कमरा लेकर रहता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह आदर्श मिश्रा माता-पिता से फोन पर बातचीत की थी। इसी दौरान साथ में पढ़ने वाले दोस्तों ने घरवालों को बताया कि आदर्श मिश्रा की तबीयत ठीक नहीं है और वह अस्पताल में भर्ती है।
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यह माजरा सुनते ही आनन-फानन में घरवाले लखनऊ पहुंचे तो पता चला कि आदर्श खुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। इंस्पेक्टर बीबीडी राम सिंह के मुताबिक दो पहले आदर्श घर से लौटा था। उन्होंने बताया कि कमरे से सुसाइड नोट मिला है जिसमें लिखा है कि माता-पिता बहुत अच्छे हैं उन्हें मैं परेशान नहीं करना चाहता हूं। बताया जा रहा है कि शनिवार को घर में रुद्राभिषेक था इसलिए आदर्श मिश्रा घर आया था। रविवार को पिता प्रमोद मिश्रा ने बेटे को बस में बैठाकर लखनऊ के लिए रवाना किया था।
,,, पल भर में ही छीन गया परिवार का सहारा,,,
संतकबीरनगर जिले के रहने वाले प्रमोद मिश्रा के तीन बेटियों में आदर्श मिश्रा तुषार इकलौता बेटा था। आदर्श की तीनों बहनें भाई की कलाई में राखी बांधने की तैयारी कर रहीं थीं। तीनों बहनें बहुत उत्साहित थीं कि भाई लखनऊ से घर की दहलीज पर आएगा और हंसी-खुशी के साथ उसकी कलाई पर राखी बांधेंगी। लेकिन न जाने क्या हुआ कि आदर्श मिश्रा खुदकुशी कर परिवार सहित तीनों बहनों को हमेशा के लिए टीस दे गया।
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One thought on “BBD: रक्षा बंधन से पहले उठ गई भाई की अर्थी”
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