
गहलोत ने सरकार पर उठाए सवाल
Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने सरकारी स्कूलों में बिना अनुमति फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मीडिया गतिविधियों पर रोक लगाने के राज्य सरकार के फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस आदेश को लेकर पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल खड़े किए। गहलोत ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहले आम तौर पर लोग अपनी जरूरत के मुताबिक पहुंच सकते थे, लेकिन अब बिना अनुमति प्रवेश पर रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर इस तरह के प्रतिबंध की जरूरत क्यों पड़ी और यह निर्णय किस स्तर पर लिया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा आज देशभर में चर्चा का महत्वपूर्ण विषय है। ऐसे समय में स्कूलों में मीडिया की गतिविधियों और प्रवेश को सीमित करने से व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। गहलोत ने यह भी जानना चाहा कि क्या इस फैसले से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से चर्चा की गई थी या फिर राज्य मंत्रिमंडल ने सामूहिक रूप से इसे मंजूरी दी।
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पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या संबंधित मंत्रियों ने मुख्यमंत्री से इस विषय पर विचार-विमर्श किया था? क्या पूरी कैबिनेट ने आदेश पर चर्चा की थी? गहलोत के मुताबिक, विपक्ष इस फैसले को लेकर सरकार से जवाब चाहता है। गहलोत ने कहा कि स्कूलों में कई तरह की गतिविधियां और जरूरतें होती हैं। ऐसे में यदि बिना अनुमति किसी के प्रवेश पर रोक रहेगी तो इससे कई स्तरों पर परेशानियां पैदा हो सकती हैं। उन्होंने मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर भी चिंता जताते हुए कहा कि पत्रकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
‘वंदे मातरम्’ को लेकर भी BJP पर निशाना
अशोक गहलोत ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की ओर से पार्टी के कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के दो छंद गाने के फैसले को लेकर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस लंबे समय से ‘वंदे मातरम्’ गाती रही है और अब अचानक बीजेपी को इस गीत को लेकर चिंता होने लगी है। गहलोत ने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ को लेकर लोगों के बीच भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इस राष्ट्रगीत से पुराना जुड़ाव रहा है और इसे लेकर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत
गहलोत ने राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे कदम उठाने चाहिए, जिनसे शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने और शिक्षा क्षेत्र में नई सोच के साथ सुधार लागू करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों का भरोसा मजबूत हो। गहलोत के बयान के बाद सरकारी स्कूलों में मीडिया और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
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One thought on “सरकारी स्कूलों में मीडिया एंट्री पर रोक से भड़के अशोक गहलोत”
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