
Flood threat in Unnao: उत्तर प्रदेश में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से उन्नाव और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा बैराज से लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से ऊपर जा रहा है। बुधवार को बैराज से करीब 2.85 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद उन्नाव के निचले इलाकों में पानी का असर दिखाई देने लगा है। गोताखोर मोहल्ला भी जलभराव की चपेट में आ गया है। वहीं कानपुर नगर में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर निगरानी बढ़ा दी है।
गंगा चेतावनी बिंदु के करीब
बीते करीब दस दिनों से गंगा बैराज से रोजाना 2.5 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बुधवार को पानी की मात्रा बढ़कर 2,85,077 क्यूसेक तक पहुंच गई। इससे गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है।
बैराज पर गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 114 मीटर के बेहद करीब पहुंच गया है। वहीं शुक्लागंज गेज पर भी नदी का पानी चेतावनी स्तर से 88 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटरी क्षेत्र में पानी का फैलाव शुरू हो गया है।
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176 गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा
जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने कटरी क्षेत्र के गांवों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। उन्नाव और आसपास के इलाकों में कुल 176 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचने की आशंका जताई गई है। इनमें सदर तहसील के 54, घाटमपुर के 58, बिल्हौर के 51 और नर्वल के 12 गांव शामिल हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी और निचले इलाकों से दूर रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत केंद्रों तक पहुंचने की सलाह दी है।
बढ़ाई गईं बाढ़ चौकियां और राहत शिविर
बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में पहले से मौजूद बाढ़ चौकियों की संख्या बढ़ाकर 35 कर दी गई है। वहीं राहत शिविरों की संख्या भी 90 से बढ़ाकर 101 कर दी गई है।
आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ को भी अलर्ट कर दिया गया है। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 121 नाव और 60 गोताखोर तैनात किए हैं। इसके अलावा जरूरी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
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राहत-बचाव के लिए तैयारियां पूरी
प्रशासन के पास 326 लाइफ जैकेट, 163 लाइफ ब्वॉय, 163 किलोग्राम रस्सी, 163 टॉर्च, 12 पतवार और 12 बांस उपलब्ध कराए गए हैं। इन संसाधनों का इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत-बचाव अभियान में किया जाएगा।
ADM फाइनेंस विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि तहसील स्तर की टीमें लगातार गंगा के जलस्तर पर नजर रख रही हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और तत्काल कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन कटरी क्षेत्र के गांवों को एहतियात के तौर पर सतर्क किया गया है।
पहाड़ों की बारिश से बढ़ा नदी का जलस्तर
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बादल फटने की घटनाओं के बाद गंगा के मैदानी इलाकों में भी प्रशासन सतर्क है। हरिद्वार बैराज से भी पानी के प्रवाह को लेकर निगरानी बढ़ाई गई थी। हालांकि, बुधवार को पानी की आवक कम होने के बाद रिजर्व पानी छोड़ने की प्रक्रिया रोक दी गई।
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