कोलंबिया भूकंप में चमत्कार 48 घंटे बाद मलबे से जिंदा मिला नवजात बच्चा

Columbia Earthquake

कोलंबिया में भूकंप की भीषण तबाही

Colombia earthquake: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में आए 7.4 तीव्रता के भीषण भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। कई शहरों में इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में दब गए। राहत और बचाव अभियान के तीसरे दिन एक ऐसा रेस्क्यू हुआ, जिसने तबाही के बीच उम्मीद जगा दी। करीब 48 घंटे तक मलबे में फंसे एक नवजात बच्चे को जिंदा बाहर निकाल लिया गया। बच्चे के साथ एक व्यक्ति भी मलबे में फंसा था। दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

मलबे के नीचे से आई आवाज, फिर शुरू हुआ रेस्क्यू

भूकंप के करीब 48 घंटे बाद बुधवार को राहतकर्मी एक ढही हुई पांच मंजिला रिहायशी इमारत के मलबे में लोगों की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान बचाव दल को मलबे के नीचे से एक व्यक्ति की आवाज सुनाई दी। रिपोर्ट के मुताबिक, व्यक्ति ने बचावकर्मियों को बताया कि वह मलबे के नीचे मौजूद है और उसके साथ एक बच्चा भी है। आवाज सुनते ही रेस्क्यू टीम ने तेजी से मलबा हटाना शुरू किया। एक भारी कंक्रीट स्लैब के नीचे व्यक्ति और बच्चा फंसे मिले। बचावकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर स्लैब को हटाया और दोनों को बाहर निकाला। बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

बच्चे को सांस लेने में हो रही थी परेशानी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मलबे से बाहर निकाले जाने के समय बच्चे की हालत बेहद नाजुक दिखाई दे रही थी। उसका सिर बैंगनी पड़ गया था और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। इसके बावजूद उसका जिंदा मिलना बचाव अभियान के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। यह रेस्क्यू ऐसे समय हुआ है जब बचावकर्मी लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं और हर गुजरते घंटे के साथ जिंदा लोगों के मिलने की उम्मीद कम होती जा रही है।

भूकंप में 224 लोगों की मौत

7.4 तीव्रता के इस भूकंप से कोलंबिया के पश्चिमी हिस्से में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, मृतकों की संख्या 224 तक पहुंच गई है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। परेरा, कैली, मनिजालेस और क्विब्डो समेत कई शहरों में राहत और बचाव अभियान जारी है। बड़ी संख्या में मकान और इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं। कई इलाकों में सड़क और दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं।

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भारत ने जताया दुख, मदद की पेशकश

कोलंबिया में आए भूकंप पर भारत ने भी संवेदना व्यक्त की है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जान-माल के नुकसान पर दुख जताते हुए मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। भारत की ओर से जरूरत पड़ने पर कोलंबिया को हर संभव सहायता देने की बात भी कही गई है।

बेघर लोगों की मदद करेगी कोलंबिया सरकार

भूकंप से प्रभावित लोगों के लिए कोलंबिया सरकार ने राहत और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रभावित इलाकों में राहत शिविर बनाए जा रहे हैं और जिन परिवारों के घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं, उन्हें अस्थायी आवास के लिए आर्थिक सहायता देने की योजना है। सरकार की ओर से घरों की मरम्मत और दोबारा निर्माण में भी मदद देने की बात कही गई है। राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी, चिकित्सा और दूसरी जरूरी सुविधाएं पहुंचाने में जुटी हैं।

आखिर कोलंबिया में क्यों आते हैं इतने भूकंप?

कोलंबिया भूकंपीय रूप से बेहद सक्रिय क्षेत्र में स्थित है। देश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां कई टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों का असर पड़ता है। खासतौर पर नाजका प्लेट और दक्षिण अमेरिकी प्लेट के बीच होने वाली भूगर्भीय गतिविधियां क्षेत्र में भूकंप का प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, जमीन के भीतर प्लेटों की लगातार हलचल और तनाव के कारण इस क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां होती रहती हैं। हालिया भूकंप भी इसी सक्रिय भूगर्भीय क्षेत्र का हिस्सा है।

तबाही के बीच जिंदगी की उम्मीद

कोलंबिया में भूकंप से हुई तबाही ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हालांकि, करीब 48 घंटे बाद मलबे से नवजात बच्चे और एक व्यक्ति का जिंदा निकाला जाना राहत एवं बचाव दल के लिए उम्मीद की किरण बन गया है। बचाव अभियान अभी भी जारी है और टीमें मलबे के नीचे फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटी हैं। प्रशासन की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और प्रभावित परिवारों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए।

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