बार-बार भूलने और कन्फ्यूजन को न करें नजरअंदाज, Vitamin B12 की कमी हो सकती है वजह

Vitamin B12 Deficiency :  अगर आपको बार-बार बातें भूलने, काम पर ध्यान न लगने, मानसिक थकान, कन्फ्यूजन या सोचने-समझने में दिक्कत महसूस होती है, तो इसे सिर्फ तनाव या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज न करें। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षण कई बार शरीर में Vitamin B12 की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। समय रहते इसकी पहचान और इलाज न होने पर यह समस्या नसों और मस्तिष्क को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। पारस हेल्थ, पंचकूला के डायरेक्टर एवं न्यूरोसर्जन डॉ. राजीव गोयल के अनुसार, लगातार रहने वाला ब्रेन फॉग केवल मानसिक तनाव का परिणाम नहीं होता। कई मामलों में इसकी वजह Vitamin B12 की कमी होती है, जिसकी जांच और उपचार समय पर कराना बेहद जरूरी है।

क्या होता है ब्रेन फॉग?

ब्रेन फॉग कोई अलग बीमारी नहीं, बल्कि एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को सोचने, याद रखने, निर्णय लेने और किसी काम पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई होती है। मरीज को ऐसा महसूस होता है जैसे उसका दिमाग सामान्य गति से काम नहीं कर रहा हो। यही कारण है कि कई लोग इसे लंबे समय तक तनाव या थकान समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं।

Vitamin B12 की कमी क्यों बनती है कारण?

Vitamin B12 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, डीएनए बनाने और नसों के चारों ओर मौजूद सुरक्षात्मक परत (मायलिन) को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर सबसे पहले दिमाग और तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है। इसके कारण याददाश्त कमजोर होना, ध्यान भटकना, मानसिक भ्रम, हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

किन लोगों में ज्यादा रहता है खतरा?

विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न लोगों में Vitamin B12 की कमी का जोखिम अधिक होता है , पूरी तरह शाकाहारी या वीगन डाइट लेने वाले , 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग , लंबे समय तक एसिडिटी की दवा लेने वाले , डायबिटीज की कुछ दवाएं लेने वाले मरीज  ,पेट या आंत की बीमारी से पीड़ित लोग , गैस्ट्रिक या बैरियाट्रिक सर्जरी करा चुके मरीज

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

डॉ. राजीव गोयल के मुताबिक, यदि किसी व्यक्ति को लगातार भूलने की समस्या, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी या मानसिक भ्रम जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो उसे Vitamin B12 की जांच जरूर करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज मिलने पर अधिकांश मरीजों में लक्षणों में सुधार हो जाता है, लेकिन यदि लंबे समय तक कमी बनी रहे तो नसों को हुआ नुकसान कुछ मामलों में स्थायी भी हो सकता है। इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट लेने के बजाय पहले जांच कराना जरूरी है।

इलाज कैसे होता है?

यदि Vitamin B12 की कमी हल्की हो, तो डॉक्टर खानपान में बदलाव और B12 सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। वहीं गंभीर कमी होने पर Vitamin B12 के इंजेक्शन दिए जा सकते हैं। इलाज की अवधि मरीज की स्थिति और कमी के स्तर पर निर्भर करती है।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?

यदि ब्रेन फॉग के साथ नीचे दिए गए लक्षण भी दिखाई दें, तो बिना देरी किए न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करें बोलने में दिक्कत  , शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी , चलने या संतुलन बनाए रखने में परेशानी , बार-बार गिरना , तेज सिरदर्द , अचानक याददाश्त में गंभीर बदलाव


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