
PM Modi NEET case : देशभर में चर्चा का विषय बने NEET पेपर लीक मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया। सरकार ने अदालत को बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi खुद इस मामले की निगरानी कर रहे हैं और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर लगातार अपडेट ले रहे हैं। इस मामले को लेकर लाखों छात्रों और अभिभावकों की नजर सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पर टिकी हुई है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों ने उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी National Testing Agency (NTA) की परीक्षा प्रणाली और सुधार प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान जस्टिस नरसिम्हा ने सुझाव दिया कि परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए एक छोटी निगरानी समिति बनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि IIT और प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर नई तकनीकों और AI आधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है।
सरकार ने क्या कहा?
सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय समितियां पहले ही कई सुधारों पर काम कर रही हैं। सरकार ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों का भरोसा कायम रखा जा सके।
NTA ने दाखिल किया हलफनामा
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि NTA के निदेशक ने हलफनामा दाखिल किया है। इसमें परीक्षा संचालन और उच्चाधिकार समिति की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा संचालन समिति के प्रमुख डॉ. राधाकृष्णन ने भी हलफनामा दाखिल कर यह जानकारी दी कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए किन-किन उपायों पर काम किया जा रहा है।
तकनीक और AI का होगा इस्तेमाल
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान AI और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। कोर्ट ने कहा कि बदलती तकनीक के साथ परीक्षा प्रक्रिया में भी सुधार जरूरी है। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ मिलकर ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
छात्रों को निराश नहीं करना चाहिए: कोर्ट
सुनवाई के दौरान अदालत ने छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी चिंता जताई। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि छात्रों ने इस परीक्षा में अपना समय, मेहनत और भावनाएं लगाई हैं। ऐसे में उन्हें निराश नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि 2 जुलाई से पहले विस्तृत हलफनामा दाखिल किया जाए, जिसमें परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की पूरी योजना बताई जाए।
पूरे देश की नजर इस मामले पर
NEET पेपर लीक मामला देश के सबसे बड़े शिक्षा विवादों में शामिल हो चुका है। लाखों छात्र इस मामले के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई में कई अहम पहलुओं पर चर्चा हो सकती है। फिलहाल सरकार और NTA दोनों यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सुरक्षित बनाया जाएगा।
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