
Kuwait Attack : पश्चिम एशिया में जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ लेता नजर आ रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच अब कुवैत ने दावा किया है कि उस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। कुवैत की सेना ने गुरुवार को हमले की पुष्टि की, हालांकि यह साफ नहीं किया गया कि किन इलाकों या सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। वहीं कुछ घंटों बाद ईरान ने भी क्षेत्र में कार्रवाई करने की बात स्वीकार की, लेकिन उसने भी हमले की सटीक जगह का खुलासा नहीं किया। इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में जारी युद्धविराम और शांति वार्ता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्यों बढ़ रही है पश्चिम एशिया में चिंता?
दरअसल, पिछले कई महीनों से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर बना हुआ है। हालांकि हाल ही में युद्धविराम लागू किया गया था, लेकिन इसके बावजूद दोनों पक्षों के बीच लगातार सैन्य गतिविधियां जारी हैं। कुवैत अमेरिका का करीबी सहयोगी माना जाता है। यही वजह है कि ईरान समर्थित शिया सशस्त्र गुट पहले भी कई बार कुवैत को निशाना बना चुके हैं। इस ताजा हमले ने क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने की आशंका को और मजबूत कर दिया है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक चिंता का केंद्र
ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा विवाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को लेकर भी है। यह दुनिया का बेहद अहम समुद्री व्यापार मार्ग माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल गुजरता है। युद्ध और सुरक्षा खतरे के कारण इस मार्ग पर गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, जिसका असर सीधे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर पड़ा है। पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। तेल महंगा होने से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी बढ़ रही हैं। अमेरिका में भी महंगाई को लेकर जनता सरकार से नाराज दिखाई दे रही है।
ट्रंप सरकार की क्या है रणनीति?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उनकी सरकार ईरान के साथ बातचीत में आगे बढ़ रही है और युद्ध समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है। अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को छोड़ दे। वहीं ईरान की मांग है कि उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और विदेशों में फंसी उसकी संपत्तियां वापस दी जाएं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक दोनों देशों के बीच भरोसे का माहौल नहीं बनेगा, तब तक क्षेत्र में स्थिरता आना मुश्किल है।
अमेरिका ने मार गिराए ईरानी ड्रोन
हाल ही में अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के आसपास ईरान के चार आत्मघाती ड्रोन मार गिराए हैं। इसके अलावा बंदर अब्बास स्थित एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी निशाना बनाया गया, जहां से एक और ड्रोन लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी। अमेरिका ने इन कार्रवाइयों को रक्षात्मक कदम बताया है। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जवाबी हमले का दावा किया है।
क्या फिर भड़क सकता है बड़ा युद्ध?
कुवैत पर हमले के दावे के बाद अब दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया पर टिकी हुई हैं। युद्धविराम के बावजूद जिस तरह लगातार हमले हो रहे हैं, उससे यह साफ है कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। अगर आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ता है तो इसका असर सिर्फ पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, तेल बाजार और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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One thought on “कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमला, पश्चिम एशिया में फिर गहराया संकट”
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