
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और इज़राइल को लेकर बड़ा और चिंताजनक बयान दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा युद्ध हुआ, तो वह एक “नए और खतरनाक हथियार” का इस्तेमाल करेगा, जिससे दुश्मन बुरी तरह घबरा सकता है। हालांकि इस हथियार की प्रकृति को लेकर ईरान ने स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, लेकिन लंबे समय से उसकी संभावित परमाणु क्षमता को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ईरान की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल शहराम ईरानी ने सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि यह नया हथियार “दुश्मन के बेहद करीब” है और उसके इस्तेमाल से विरोधी देश बुरी तरह डर सकते हैं। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि उन्हें दिल का दौरा नहीं पड़ेगा।” उनके इस बयान को ईरान की बढ़ती सैन्य ताकत और संभावित उन्नत हथियारों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया, जिसमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के बदले अमेरिकी नाकाबंदी हटाने की बात कही गई थी। ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती और नाकाबंदी उसके लिए और ज्यादा प्रभावी साबित होगी। ईरान ने दावा किया है कि उसने हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों पर करीब 100 जवाबी हमले किए। साथ ही यह भी कहा गया कि अमेरिकी विमानवाहक पोत “अब्राहम लिंकन” को निशाना बनाते हुए कई मिसाइल हमले किए गए, जिससे कुछ समय के लिए उसकी सैन्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।
तनाव का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है होर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल के परिवहन का मुख्य मार्ग है। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है और अब वहां से गुजरने वाले जहाज़ों के लिए अपनी अनुमति अनिवार्य कर दी है। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दुश्मन देशों की गतिविधियां बढ़ीं, तो वह तुरंत सैन्य कार्रवाई करेगा। इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका पर उसके जहाज़ों को “गैरकानूनी रूप से जब्त” करने का आरोप लगाते हुए इसे “समुद्री डकैती” करार दिया है। ईरानी कमांडर ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह आक्रामक रुख और नए हथियार की चेतावनी वैश्विक स्तर पर गंभीर चिंता का विषय है। अगर स्थिति जल्द नियंत्रित नहीं हुई, तो इसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति, व्यापार और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है। कुल मिलाकर, ईरान की यह चेतावनी केवल एक बयान नहीं, बल्कि बढ़ते टकराव का संकेत है, जो आने वाले समय में बड़े संघर्ष का रूप भी ले सकता है।
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