वरुथिनी एकादशी आज: व्रत से मिलेगा सुख-सौभाग्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Untitled 16 copy

वरुथिनी एकादशी का व्रत सुख और सौभाग्य का प्रतीक है। वरुथिनी एकादशी व्रत के प्रभाव से समस्त पाप, ताप व दुख दूर होते हैं और अनंत शक्ति मिलती है। इस भक्तिभाव से भगवान मधुसुदन की पूजा करनी चाहिए। सूर्य ग्रहण के समय जो फल स्वर्ण दान करने से प्राप्त होता है, वही फल वरूथिनी एकादशी का उपवास करने से मिलता है। इस व्रत के प्रभाव से मनुष्य लोक और परलोक दोनों में सुख भोगता है।

वरुथिनी एकादशी व्रत पूजा विधि

इस दिन व्रत करने वाले मनुष्य को सर्वप्रथम ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना चाहिये। दूसरों की बुराई और दुष्ट लोगों की संगत से बचना चाहिए।

वरुथिनी एकादशी के बारे में विवरण

तिथि: 13 अप्रैल 2026 (सोमवार)

एकादशी तिथि प्रारंभ: 13 अप्रैल 2026 को 01:16 AM

एकादशी तिथि समाप्त: 14 अप्रैल 2026 को 01:08 AM

पारण का समय (व्रत तोड़ने का समय): 14 अप्रैल 2026 को सुबह 06:54 AM से 08:31 AM तक।

ये भी पढ़ें

पंचक किसे कहते हैं? जानें इसका महत्व और कारण

पूजा विधि

  1. व्रत से एक दिन पूर्व यानि दशमी को एक ही बार भोजन करना चाहिए।
  2. व्रत वाले दिन प्रात:काल स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर भगवान की पूजा करनी चाहिए।
  3. व्रत की अवधि में तेल से बना भोजन, दूसरे का अन्न, शहद, चना, मसूर की दाल, कांसे के बर्तन में भोजन नहीं करना चाहिए। व्रती को सिर्फ एक ही बार भोजन करना चाहिए।
  4. रात्रि में भगवान का स्मरण करते हुए जागरण करें और अगले दिन द्वादशी को व्रत का पारण करना चाहिए।
  5. व्रत वाले दिन शास्त्र चिंतन और भजन-कीर्तन करना चाहिए और झूठ बोलने व क्रोध करने से बचना चाहिए।

वरुथिनी एकादशी व्रत का महत्व

यह व्रत बहुत पुण्यदायी होता है। धार्मिक मान्यता है कि ब्राह्मण को दान देने, करोड़ो वर्ष तक ध्यान करने और कन्या दान से मिलने वाले फल से भी बढ़कर है वरुथिनी एकादशी का व्रत। इस व्रत को करने से भगवान मधुसुदन की कृपा होती है। मनुष्य के दुख दूर होते हैं और सौभाग्य में वृद्धि होती है।

ये भी पढ़ें

आज मनाया जाएगा बूढ़ा बसौड़ा: जानिए क्यों चढ़ाया जाता है बासी भोजन और क्या है इसका महत्व

खुले नाले में गिरा BMC कर्मचारी, मेयर के दौरे के दौरान सामने आई बड़ी लापरवाही

UNSC में भारत ने पाकिस्तान को लगाई फटकार, कश्मीर का मुद्दा उठाने पर दिया करारा जवाब

पौराणिक कथा : एक समय अर्जुन के आग्रह करने पर भगवान श्रीकृष्ण ने वरुथिनी एकादशी की कथा और उसके महत्व का वर्णन किया, जो इस प्रकार है, प्राचीन काल में नर्मदा नदी के तट पर मान्धाता नामक राजा का राज्य था। वह अत्यन्त दानशील और तपस्वी राजा था। एक समय जब वह जंगल में तपस्या कर रहा था।

उसी समय जंगली भालू आकर उसका पैर चबाने लगा। इसके बाद भालू राजा को घसीट कर वन में ले गया। तब राजा घबराया, तपस्या धर्म का पालन करते हुए उसने क्रोध न करके भगवान विष्णु से प्रार्थना की। राजा की पुकार सुनकर भगवान विष्णु वहां प्रकट हुए़ और चक्र से भालू का वध कर दिया। तब तक भालू राजा का एक पैर खा चुका था।

इससे राजा मान्धाता बहुत दुखी थे। भगवान श्री विष्णु ने राजा की पीड़ा को देखकर कहा कि- ‘’मथुरा जाकर तुम मेरी वाराह अवतार मूर्ति की पूजा और वरूथिनी एकादशी का व्रत करो, इसके प्रभाव से भालू ने तुम्हारा जो अंग काटा है, वह अंग ठीक हो जायेगा। तुम्हारा यह पैर पूर्वजन्म के अपराध के कारण हुआ है।’’ भगवान विष्णु की आज्ञा अनुसार राजा ने इस व्रत को पूरी श्रद्धा के साथ किया और वह फिर से सुन्दर अंग वाला हो गया।

                                                                                                                                                                        राजेन्द्र गुप्ता

Spread the love

One thought on “वरुथिनी एकादशी आज: व्रत से मिलेगा सुख-सौभाग्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्व”

Comments are closed.

Bareilly News
Crime News homeslider Uttar Pradesh

BJP नेता सचिन कश्यप की चाकू से गोदकर हत्या, रक्षाबंधन की रात वारदात से तनाव

Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रक्षाबंधन की रात भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थानीय नेता की हत्या से सनसनी फैल गई। सुभाष नगर थाना क्षेत्र के मढ़ीनाथ इलाके में अज्ञात हमलावरों ने BJP मढ़ीनाथ मंडल ओबीसी मोर्चा के उपाध्यक्ष सचिन कश्यप पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल […]

Spread the love
Read More
Nepal Floods
homeslider International

Nepal Floods: नेपाल में बाढ़ से 626 मौतें, 1,924 लोग लापता; भोटेकोशी में फिर मंडराया खतरा

नेपाल में भीषण बाढ़ और अचानक आई फ्लैश फ्लड ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी […]

Spread the love
Read More
Lucknow
homeslider Politics Uttar Pradesh

UP भाजपा का ब्राह्मण चेहरा हरीश द्विवेदी!

मनोज श्रीवास्तव Lucknow: भारतीय जनता पार्टी हो या भारतीय जनसंघ स्थापना काल में ब्राह्मण नेताओं का दबदबा रहा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ मुरली मनोहर जोशी, कलराज मिश्रा, ब्रह्मदत्त द्विवेदी, केशरी नाथ त्रिपाठी, डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी के बाद कैडर से निकले खाटी संघ पृष्ठभूमि के ब्राह्मण नेताओं से यूपी BJP […]

Spread the love
Read More