नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच संभावित युद्धविराम में पाकिस्तान की मध्यस्थता की चर्चा के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। इजराइल ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्हें जमकर खरी-खोटी सुनाई है। इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा इजराइल के खिलाफ “विनाश का आह्वान” करना बेहद आपत्तिजनक है और इस तरह का बयान किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हो सकता, खासकर उस देश से जो खुद को शांति वार्ता में निष्पक्ष मध्यस्थ बताता है।
ख्वाजा आसिफ के बयान से बढ़ा विवाद
दरअसल, ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया पर इजराइल को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने इजराइल को मानवता के लिए “अभिशाप” बताते हुए गंभीर आरोप लगाए और कहा कि गाजा, ईरान और लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या हो रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है, जबकि लेबनान में हिंसा जारी है। उनके इस बयान को इजराइल ने बेहद आपत्तिजनक और भड़काऊ करार दिया है।
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शांति मध्यस्थता पर उठे सवाल
पाकिस्तान इन दिनों ईरान और अमेरिका के बीच अस्थायी युद्धविराम कराने की कोशिशों में जुटा है और 11 अप्रैल को संभावित शांति वार्ता की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। लेकिन ख्वाजा आसिफ के बयान के बाद इजराइल ने पाकिस्तान की “निष्पक्ष मध्यस्थ” की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इजराइली विदेश मंत्री ने भी जताई नाराजगी
इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शांति मध्यस्थता का दावा करने वाली सरकार की ओर से इस तरह के बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह यहूदी-विरोधी भावना को बढ़ावा देता है।
