योगी जी! ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय

yogi aditya nath

उत्तर प्रदेश सब इंसपेक्टर की परीक्षा 14 मार्च 2026 को थी। उसमें एक प्रश्न था-‘अवसर के अनुसार बदलने जाने वाले के लिए एक शब्द में उत्तर दें?’ जिसके चार विकल्प थे। पंडित, अवसरवादी, निष्कपट और सदाचारी। यह साफ-साफ दर्शाता है कि पंडित यानी ब्राह्मणों पर बौद्धिक हमला से यह कम नहीं है। इस प्रश्न ने ही प्रश्नपत्र पर सवाल खड़ा कर दिया है। पंडित का मतलब होता है ज्ञानी यानी प्रकांड विद्वान। बेशक ‘सियासी पंडित’ अवसरवादी हो सकते हैं नहीं, बल्कि होते भी हैं। हर बिरादरी में अवसरवादी पंडितों की लम्बी-चौड़ी फौज है। जो उसी की बदौलत राजनीति के बड़े से बड़े पदों पर आसीन होते रहते हैं। पंडित यानी पुरोहित नहीं रहे तो न पूजा-पाठ, न शादी-व्याह और न मृत्यु बाद कर्मकांड हो सकता है। इस मुद्दे पर यूपी के सियासत में खेल हो चुका है जो नीचता का प्रतीक है। यूपी बीजेपी और सूबे के वजीर-ए-आला महंत आदित्यनाथ के लिए यह प्रश्न बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है, क्योंकि यूपी में करीब 14 फीसदी अकेले ब्राह्मण हैं यानी पंडित हैं। इस लाइन में यूपी के सीएम योगी खुद खड़े हैं, यानी वह कर्म से पंडित हैं। भले ही उनकी पैदाइश उत्तराखंड के एक राजपूत परिवार में हुई है।

ये भी पढ़ें

ब्यूटी प्रतियोगिता से 20 ऊंटों को किया बाहर, बोटॉक्स का खुलासा

 

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी की स्थापना पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने की थी। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के पहले अध्यक्ष थे। उसके बाद पंडित अटल बिहारी वाजपेयी ने उन दोनों की परम्परा को आगे बढ़ाया था। संघ और बीजेपी के इन तीनों पुरोधाओं की मूर्तियां देखने के लिए 230 करोड़ की लागत से बने 65 एकड़ में पसरे राजधानी लखनऊ के ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ तक जाया जा सकता है।प्रश्न चुनने वाले ने योगी की शख्सियत के साथ-साथ प्रश्नपत्र पर ही प्रश्न खड़ा कर दिया है। कुछ दिनों पहले ही यूपी के सीएम योगी ने एक जुमला उछाला था-‘बंटेंगे तो कटेंगे।’ यह सनातनियों के लिए योगी का बड़ा साथ था। लेकिन अब योगी के ब्यूरोक्रेट ही उन्हें गिराने की कोशिश में जुट गए हैं। ‘बंटेंगे तो कटेंगे।’ जुमले का अब छीछालेदर हो गया। वो भी सरकार नाक के नीचे ही अफसरों ने बड़ी सफाई से सनातनियों को बांट दिया। एक वरिष्ठ पत्रकार कहते हैं- ‘योगी जी! आप सिंहासन पर बैठे रहिए, पर आपका फर्ज बनता है कि आप कबीर की लाइन पर चलिए…. ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय। वरना ब्राह्मण वोटर आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में सरकार की सारी पंडितई झाड़ देंगे।

ये भी पढ़ें

अयोध्या राम मंदिर परिसर में प्रवेश के नए नियम लागू

 

बात निकली है तो दूर तलक जाएगी कि तर्ज पर तुरंत कुछ बीजेपी के नेताओं ने सीएम योगी को पत्र लिखकर, सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर ब्राह्मणों को बहलाने-फुसलाने का कार्य शुरू भी कर दिया। मुख्यमंत्री को पहला पत्र बदलापुर जौनपुर के बीजेपी विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने लिखा। पत्र में उन्होंने मांग भी कर डाली कि प्रश्न तैयार करने वाले और पेपर सेट करने वाली कमेटी के विरुद्ध तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। ब्राह्मण सहभोज के बाद पंडितों को अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाले पूर्व उप मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट डाला। लम्बे चौड़े पोस्ट में बीजेपी के गुणगान के बाद इस प्रकरण पर केवल अपनी व्यक्तिगत असहमति जताई और सरकार का पक्ष भी चुपके से रख दिया। उन्होंने यह भी बताने की कोशिश की कि उत्तर प्रदेश सरकार किसी के भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती है, इसके लिए उन्होंने एक जातिवादी फिल्म की ओर भी इशारा किया है।

ये भी पढ़ें

कांशीराम जयंती पर देशभर में श्रद्धांजलि, सीएम योगी, मायावती समेत कई नेताओं ने किया याद

शनिवार के दिन इन राशियों को मिलेगा व्यापार में धान का लाभ

वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने भी ‘एक्स’ पर साफ किया कि यह कार्य अतिगोपनीय संस्थाओं के द्वारा इस प्रकार कराया जाता है कि परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्रों की गोपनीयता अक्षुण्ण रहे। इस गोपनीयता को बनाए रखने के लिए बोर्ड स्तर पर भी किसी अधिकारी, कर्मचारी द्वारा गोपनीय सामग्री अर्थात प्रश्नपत्रों का अवलोकन नहीं किया जाता है। वहीं बीजेपी संगठन के एक प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्र ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कहते हैं कि ब्राह्मणों के लिए बीजेपी की सोच को दर्शाती है। इसके पहले भी एक फिल्म आई थी घूसखोर पंडित, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंसर से पास कराया था। वो कहते हैं कि ब्राह्मणों को लेकर बीजेपी की मंशा ठीक नहीं है। गोरखपुर से पूर्व विधायक पंडित विनय शंकर तिवारी ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यूपी में जबसे बीजेपी की सरकार आई है, उसने यह तय कर रखा है कि ब्राह्मण समाज का सदैव अपमान करना है। कुछ दिन पूर्व केंद्रीय सेंसर बोर्ड ने घूसखोर पंडित नाम के एक वेबसीरीज को परमिशन दी थी, लेकिन ब्राह्मणों के आक्रोश को देखकर उसे वापस लेना पड़ा था।

 

 

 

Spread the love

Untitled 1 copy
homeslider Uttar Pradesh

राम मंदिर और हाईकोर्ट की सुरक्षा होगी अभेद्य, Sniper की तैनाती; सांसद-विधायकों के गनर को मिलेंगे नए हथियार

अयोध्या राम मंदिर से हाईकोर्ट तक सुरक्षा होगी और मजबूत, सांसद-विधायकों के सुरक्षाकर्मियों को मिलेंगे नए हथियार Lucknow: उत्तर प्रदेश में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शासन ने सांसदों और विधायकों की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को आधुनिक हथियार उपलब्ध […]

Spread the love
Read More
amit shah (1)
Politics Uttar Pradesh

2029 तक UCC लागू करने का शाह का दावा, सहयोगी दलों ने खींचे हाथ

UCC पर NDA में मतभेद? अमित शाह के ऐलान के बाद सहयोगी दलों ने साधी सावधानी New Delhi : समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपना इरादा साफ कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में भरोसा जताया कि वर्ष 2029 में होने वाले […]

Spread the love
Read More
Crime News Uttar Pradesh

तालकटोरा: चोर समझकर लोगों ने दौड़ाया तो युवक ने छत से लगाई छलांग, मौत

मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही मृतक की राजाजीपुरम में हुई घटना का मामला ए अहमद सौदागर Lucknow: तालकटोरा थाना क्षेत्र राजाजीपुरम में एक युवक मकान घुस आया। आसपास के लोगों ने देखा तो वह मकान की छत से छलांग लगा दी। युवक को छत से कूदने पर लोग भाग खड़े हुए और इसकी […]

Spread the love
Read More