किसी एक देश के पास न होकर विभाजित हो चुका है शक्ति का केंद्रः डॉ. जयशंकर

 

    शाश्वत तिवारी

नई दिल्ली। रायसीना डायलॉग 2026 को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि इस दशक में दो सबसे बड़े बदलाव ‘तकनीक’ और ‘जनसांख्यिकी’ के रूप में आएंगे। उन्होंने कहा कि अब शक्ति का केंद्र किसी एक देश के पास न होकर अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित हो चुका है। भारत का प्रमुख भू-राजनीति और भू-अर्थव्यवस्था सम्मेलन, रायसीना डायलॉग का 11वां संस्करण 5 मार्च से नई दिल्ली में शुरू हुआ। इस इवेंट को हर साल ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) और विदेश मंत्रालय मिलकर आयोजित करते हैं। तीन दिवसीय समारोह में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हस्तियां शामिल हो रही हैं। इस बार की थीम ‘संस्कारः दृढ़ता, सामंजस्य, प्रगति’ है।

ये भी पढ़ें

असम में वायुसेना का सुखोई विमान क्रैश, दो वीर पायलट शहीद

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

इवेंट में एआई, डिजिटल गवर्नेंस, सप्लाई चेन में लचीलापन और हिंद प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा जारी है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब भारत पहुंचे हैं और वे रायसीना डायलॉग के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं कीनोट स्पीकर थे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा वैश्विक व्यवस्था में बदलाव को रोकना नामुमकिन है। 1945 या 1989 के दौर को हमेशा के लिए फ्रीज करने की उम्मीद रखना एक बहुत ही अव्यावहारिक सोच थी। पिछले 70 साल भारत के इतिहास का केवल 1 फीसदी हिस्सा हैं, इसलिए यह सोचना कि केवल यही कालखंड शाश्वत रहेगा, सही नहीं है।जयशंकर ने जोर देते हुए कहा कि भविष्य बहुत अधिक ‘मल्टीपोलर’ होने वाला है। उनके मुताबिक आज दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जिसके पास इतने सारे क्षेत्रों में प्रभुत्व हो कि वह संपूर्ण ‘हेजेमोन’ (सर्वाधिकार संपन्न शक्ति) बन सके।

यह केवल जीडीपी या क्षमताओं के वितरण के बारे में नहीं है, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग डोमेन में अधिक योगदान देंगे या उनकी क्षमताएं अधिक होंगी। शक्ति अब अपने विभिन्न आयामों में बहुत अधिक फैल चुकी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया को उन ताकतों को पहचानना होगा, जो परिवर्तन को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने इशारा किया कि ग्लोबल ढांचे में बदलाव को स्वीकार करना ही प्रगति का एकमात्र रास्ता है। भारत इस नई और उभरती हुई विश्व व्यवस्था में अपनी भूमिका को लेकर तैयार है, जहां शक्ति का विकेंद्रीकरण हो चुका है।

ये भी पढ़ें

सावधान! बिना ऑर्डर के आ रहा पार्सल, COD के नाम पर ठगी का नया तरीका उजागर

विदेश मंत्री जयशंकर ने सम्मेलन से इतर विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी की। वहीं दूसरी ओर विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने डॉयलाग के दूसरे दिन अपने संबोधन में कहा कि भारत के निर्णय राष्‍ट्र हितों के अनुरूप होते हैं और किसी एक गुट के साथ जुड़े नहीं है। उन्होंने कहा चाहे यूक्रेन हो या पश्चिम एशिया, भारत संवाद और कूटनीति पर निरंतर जोर देता आया है। साथ ही कनेक्टिविटी और स्थिरता को बढावा देने के लिए भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारों जैसे प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है।

homeslider Politics

केंद्र की राजनीति में नीतीश, बिहार बेटे के हवाले!

  बिहार के लंबे समय से मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने राज्यसभा का रास्ता पकड़ लिया है। उनकी जीत निश्चित मानी जा रही है क्योंकि जनता दल यूनाइटेड के पास पर्याप्त विधायक संख्या है। इस फैसले ने पार्टी में भारी हलचल मचा दी है। कार्यकर्ता जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं और नितीश को ही मुख्यमंत्री बनाए […]

Read More
Education homeslider

UPSC 2026 में अनुज अग्निहोत्री बने ऑल इंडिया टॉपर, पांचवें प्रयास में हासिल की AIR-1

नई दिल्ली।संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सर्विसेज परीक्षा 2026 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया रैंक-1 (AIR-1) हासिल की है। उनके बाद राजेश्वरी सुवे एम दूसरे और आकांश ढुल तीसरे स्थान पर रहे।आयोग के अनुसार इस साल कुल 958 […]

Read More
homeslider International

ट्रंप का विवादित बयान: ‘पहले ईरान को खत्म करेंगे, फिर क्यूबा की बारी’

     नया लुक डेस्क अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच एक बेहद विवादित बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि फिलहाल अमेरिका का पहला लक्ष्य ईरान को “पूरी तरह खत्म करना” है और इसके बाद अगला निशाना क्यूबा हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया […]

Read More