- लखनऊ में ऑनलाइन फ्रॉड का नया ट्रेंड, फर्जी पार्सल देकर वसूले जा रहे पैसे
- घर की महिलाओं के नाम फर्जी ऑर्डर, COD के बहाने ठगी
विजय श्रीवास्तव
लखनऊ। साइबर युग में जहां रोज नए-नए ऑनलाइन फ्रॉड सामने आ रहे हैं, वहीं राजधानी लखनऊ में ठगी का एक नया तरीका सामने आया है। यहां बिना ऑर्डर किए सामान का पैकेट देकर पहले भुगतान लेने और फिर फरार होने की कोशिश करने वाले डिलीवरी बॉय को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। मामला 5 मार्च का है और यह घटना चिनहट थाना क्षेत्र के अमेठी ग्रीन सिटी, हासेमऊ की बताई जा रही है। बताया गया कि एक महिला के घर पर एक डिलीवरी बॉय ने आवाज लगाई और कहा कि उनका ऑनलाइन ऑर्डर आया है। उसने पैकेट देने से पहले 571 रुपये ऑनलाइन भुगतान करने को कहा। महिला ने पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन पैकेट देखने के बाद उसे शक हुआ क्योंकि उसने इस कंपनी से कोई सामान ऑर्डर ही नहीं किया था।
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महिला ने अपने पति को इसकी जानकारी दी। इसी बीच पैसे लेकर बाइक स्टार्ट कर भाग रहे डिलीवरी बॉय को मोहल्ले के लोगों ने आवाज देकर वापस बुला लिया और पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ में शमशाद नाम का डिलीवरी बॉय कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका कि उसे ऑर्डर कहां से मिला और महिला का नाम-पता व मोबाइल नंबर कैसे मिला। इसके बाद डिलीवरी बॉय ने कथित तौर पर कंपनी के एरिया मैनेजर हर्ष गुप्ता (मो. 07080072403) से फोन पर बात करवाई। लेकिन वह भी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि पीड़ित महिला का नाम, पता और मोबाइल नंबर कंपनी तक कैसे पहुंचा। उन्होंने बताया कि उन्हें इस तरह की कई शिकायतें मिल रही हैं और इस संबंध में कंपनी को ई-मेल के जरिए सूचना दे दी गई है।
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हर्ष गुप्ता ने यह भी बताया कि मीशो कंपनी की डिलीवरी का काम ‘शैडो फैक्स टेक्नोलॉजी’ के पास है और वही अपने कर्मचारियों से डिलीवरी करवाती है। हालांकि, मूल सवाल-पीड़िता का डेटा कंपनी तक कैसे पहुंचा—का जवाब अब भी नहीं मिल सका है। पीड़ित महिला ने बताया कि पिछले कई दिनों से एक मोबाइल नंबर से उसे फोन आ रहा था। उस नंबर की कॉलर आईडी पर “लैपटॉप रिपेयरिंग” लिखा आता था, जबकि उसने किसी से लैपटॉप रिपेयर की बात नहीं की थी। तभी से उसे कुछ संदेह हो रहा था। इसी मोहल्ले की एक दूसरी महिला ने भी इसी तरह की घटना बताई। उसने कहा कि करीब एक सप्ताह पहले एक डिलीवरी बॉय ने फोन कर कहा कि उसका पार्सल आया है और 1196 रुपये देने होंगे। महिला उस समय पास के दीप पार्लर में थी। डिलीवरी बॉय वहां पहुंचकर बोला कि पैकेट घर के गेट के अंदर रख दिया है और भुगतान कर दीजिए। जब महिला मोबाइल से पेमेंट करने लगी तो पार्लर संचालिका दीपांशी ने उसे पहले घर जाकर पैकेट देखने की सलाह दी। घर पहुंचने पर पता चला कि वहां कोई पैकेट था ही नहीं। इस तरह उसकी 1196 रुपये की ठगी होने से बच गई।

पीड़िता के पति का कहना है कि पहले लोगों में संस्थानों के प्रति भरोसा होता था, लेकिन अब कई जगहों पर धोखाधड़ी के मामले सामने आ रहे हैं, इसलिए लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर गृहिणियों और बुजुर्गों को। इस मामले पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित सक्सेना ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी में लगातार फ्रॉड के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा धीरे-धीरे कम होता जा रहा है।
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पुलिस की सलाह
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बिना ऑर्डर के आए किसी भी पार्सल का भुगतान न करें।
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डिलीवरी बॉय से कंपनी का नाम और ऑर्डर आईडी जरूर पूछें।
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शक होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन डिलीवरी के बढ़ते चलन के बीच इस तरह के फ्रॉड से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
