- मृतका की बड़ी बहन की बेटी से शादी न होने पर था खफा
- हत्यारे की निशानदेही पर मृतका का पायल, लाकेट व टूटी चूड़ियां बरामद
ए अहमद सौदागर
लखनऊ। नगराम में सात जनवरी 2026 को गांव के बाहर सरसों के खेत में जिस महिला का मानव कंकाल मिला था उसकी जान किसी पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि कुबरहा गांव निवासी आशीष कुमार रावत ने ली थी। इसका राजफाश कर नगराम पुलिस ने सोमवार को कातिल आशीष को गिरफ्तार कर किया है। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर मृतका का पायल, लाकेट व टूटी चूड़ियां बरामद की है।
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सनद रहे कि सात जनवरी 2026 को नगराम क्षेत्र स्थित कुबरहा गांव के बाहर सरसों के खेत में एक मानव कंकाल मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर रही थी कि इसी दौरान कुबरहा गांव निवासी पीतांबरा ने कंकाल में लिपटी साड़ी के आधार पर शव की पहचान अपनी 30 वर्षीय पत्नी पूनम के रूप में की थी। यह घटना मानो नगराम पुलिस के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं थी, लेकिन पुलिस ने सर्विलांस और जमीनी मुखबिर तंत्र के जरिए खुलासा कर पीतांबरा के घर के पास रहने वाले आशीष कुमार रावत को को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए हत्यारोपी आशीष ने पूछताछ में बताया कि मृतका पूनम अपनी बड़ी बहन की बेटी से शादी कराने का वायदा किया था, लेकिन उसके घरवालों ने उसका रिश्ता कहीं और जगह तय कर दिया था।
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अपना जुर्म इक़बाल करते हुए कातिल ने कहा कि बीते 12 दिसंबर 2025 को पूनम जो रिश्ते में चाची लगती थी को बहाने से बातचीत करने के लिए गांव के ही रहने वाले हंसराज की आम की बाग में बुलाया और बातचीत के दौरान कहासुनी हो गई थी। बताया कि इसी दौरान वह पूनम का गला दबाकर मौत की नींद सुलाने के बाद शव को सरसों के खेत में फेंक कर भाग निकला था। इस मामले में मृतका के पति पीतांबरा ने नगराम थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर चुनौती बनी वारदात का पर्दाफाश कर कातिल को सलाखों के पीछे भेज दिया।
