अपनी बेटी का यौन शोषन करने उसे प्रेग्रेंट करने के जुर्म में दोषी करार पिता को मौत की सजा सुनाई गई है। यह सजा तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में जिला पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तिरुनेलवेली जिले के पानागुडी इलाके में रहने वाले एक दिहाड़ी मजदूर की दो पत्नियां हैं, उसकी दूसरी पत्नी की दो बेटियां हैं। उनमें से एक, 14 साल की है, जो 10वीं कक्षा में पढ़ती थी। बीते साल लड़की के शरीर में बदलाव दिखें तो उसकी मां उसे अस्पताल ले गई।
वहां डॉक्टरों ने उसे गर्भवती बताया। इससे लड़की की मां और डॉक्टर हैरान रहे गये। बहुत पूछने पर लड़की ने अपनी मां को बताया कि उसका पिता साल 2024 से उससे यौन संबंध बना रहा था। मां ने बीते साल फरवरी में महिला पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया। इस बीच, गर्भवती लड़की ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का DNA टेस्ट किया गया, जिससे यह साबित हुई कि बच्चे का बायोलॉजिकल पिता वही व्यक्ति है, जिसने अपनी बेटी का यौन शोषण किया था, जिससे वह गर्भवती हुई थी।
इस केस की सुनवाई तिरुनेलवेली POCSO कोर्ट में हो रही थी। DNA टेस्ट के सबूतों के आधार पर पॉक्सो कोर्ट ने बीते 5 जनवरी को मामले में अपना फैसला सुनाया। POCSO कोर्ट के जज सुरेश कुमार ने पिता को मौत की सजा सुनाई और अपनी नाबालिग बेटी का यौन उत्पीड़न करने और उसे गर्भवती करने के लिये 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जज ने यह भी आदेश दिया कि पीड़ित लड़की को तमिलनाडु सरकार 10 लाख रुपये का मुआवजा दे।
