हनीमून या नववर्ष मनाने विदेश क्यों, जब अपना राजस्थान इतना खूबसूरत…

Untitled 22 copy 8
  • एक से बढ़कर एक राजमहल मे होटल रिजार्ड

विजय श्रीवास्तव

लखनऊ । देश मे इतने अच्छे दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं नए साल या हनीमून की प्लानिंग में ज्यादातर युवा जोड़े विदेश की ओर रुख करते हैं – दुबई, स्विटजरलैंड, काठमांडू या पोखरा। लेकिन क्यों न इस बार अपने देश के राजसी वैभव से भरे राजस्थान को चुना जाए? यहां राजा-महाराजाओं की वीरगाथाएं, शानदार किले, झीलें, रेगिस्तान और लग्जरी हेरिटेज होटल सब कुछ है, जो विदेशी डेस्टिनेशन से कम नहीं। कम खर्च में ज्यादा रोमांच और यादगार अनुभव मिलेगा। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता या उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक स्थल भी विकल्प हैं, लेकिन राजस्थान की रॉयल्टी का कोई मुकाबला नहीं।

जोधपुर मे भी तमाम ऐतिहासिक राठौड़ मारवाड वंश की धरोहर मौजूद हैं। जयपुर का क्या कहना पिंक सिटी के नाम से विश्व विख्यात जयपुर में आमेर दुर्ग,हवामहल, नाहरगढ़ दुर्ग,जयगढ दुर्ग,हाथी गांव, राजस्थान हिंदी अकादमी,नाहर गढ जैविक उद्यान, आदि दर्जनों दर्शनीय यादगार स्थल मौजूद हैं। जैसलमेर को राजस्थान की आत्मा लोग कहने लगे हैं वहां देश की सीमा का साक्षात रोमांचक दर्शन होता है वहां जाने पर पाक सीमा पर वाच टावर ,कंटीले तार, आटोमेटिक रायफलों के साथ सीमा रखवाली करती सुरक्षा वलों की फौजी वीरंगनायें , रेगिस्तानी सांयं सांय भांय भांय करती हवा रेत,फौजी चेक पोस्ट आदि रोमांचक यादगार यात्रा , वहां से निकलने के बाद सेना के जवानो के आस्था की देवी मां तनोट माता का मंदिर जिसे थार की वैश्णो देवी व रूमाल वाली देवी के नाम से जाना जाता है। वार्डर पर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना के साथ मिलकर लोंगेवाला जैसलमेर को विकसित किया गया है। जहां 1971युद्ध के शौर्य गाथा कि फिल्म भी पर्यटकों को दिखाई जाती है। वहां सैकड़ों टैंक, तोपों,खंडहर से वार करते टैक आदि का सजीव चित्रण प्रसारण करके यादगार आकर्षण का केंद्र बना दिया गया है।

विश्व का दूसरा टेंट सिटी राजस्थान के समगांव मे बनाया गया है जहां ऊबड खाबड रेत मे रोमांचक जिप सफारी,ऊंट की सवारी , और शाम को टेंट ग्राउंड में नर्तकीयोंके द्वारा कालबेलिया डांस का मनोरंजक दो घंटे का प्रोग्राम दर्जनों टेंट ग्राउंड मे होता है,उस दो घंटे मे सभी उम्र के पर्यटक अपनी उम्र पदवी भूलकर जीवन का आनन्द लेते हैं। सच कहूं तो कुछ समय के लिए वूढा भी जवान हो जाता है।नृत्य प्रोग्राम के बाद लोगों को मेहमान मानकर लजीज खाने का दावत दिया जाता है। मेहमानों के लिए सभी सुविधाओं से लैस टेंट सिटी मे रात्रि विश्राम की पूरी व्यवस्था की जाती है।

राजस्थान में अगर चित्तौड़गढ़ की चर्चा न हो तो यात्रा अधूरी सी लगती है वहां चित्तौड़गढ़ किला मे विजय स्तंभ व पास मे रानी पद्मनी का एतिहासिक जौहर स्थल देखने योग्य है उसी के पास हल्दी घाटी व कुंभलगढ़ का एतिहासिक किला भी देगने लायक है। वहीं मेहरान गढ किला मे विश्व की दूसरी ऐसी जगह है जहां लिफ्ट की शानदार व्यवस्था है। मांट आबू मे ऐतिहासिक झील व जैन झीलवाड़ा मदिर आदि देखने योग्य है। हल्दी घाटी के युद्ध का रण बांकुर वीर चेतक की समाधि स्थल भी देखने योग्य है वैसे तो पूरा राजस्थान ही घूमने लायक है पर मुख्य रूप से सालासर हनुमान जी मंदिर,खाटू श्याम जी मंदिर,व मेहदपुर बालाजी,सांवारिया सेठ मंदिर, गोविन्द देव मंदिर, झुंझुनूं ,कोटा, अजमेर आदि मे सैकड़ों दर्शनीय स्थल से भरे पडे हैं।

Spread the love

Gaya to Gyeongju Exhibition
International Tourism

‘गया से ग्योंगजू’ प्रदर्शनी में दिखी भारत-कोरिया की ऐतिहासिक दोस्ती

Gaya to Gyeongju Exhibition:  दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित चार दिवसीय प्रतिष्ठित ‘बुसान इंटरनेशनल बुद्धिज्म एक्सपो 2026’ में भारत ने अपनी गहरी आध्यात्मिक और ऐतिहासिक छाप छोड़ी है। ‘बेक्सको’ कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस वैश्विक सांस्कृतिक समागम में दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावास ने सक्रिय रूप से भाग लिया। एक्सपो की मुख्य थीम […]

Spread the love
Read More
Shiva temple
Religion Tourism

Bastar’s ancient Shiva temple : एक हजार से बाण सागर शिवालय में हो रही पूजा

Bastar’s ancient Shiva temple: करीब 1000 साल पहले छिंदक नागवंशी राजाओं द्वारा ग्राम बस्तर में बनवाया गया पुरातन शिव मंदिर बस्तर संभाग के दूसरे सबसे बड़े तालाब बाणसागर के किनारे अवस्थित है। यह मंदिर अपनी स्थापत्य कला के लिए विख्यात है। 304 साल पहले तक बस्तर का राज परिवार यहां पूजा अर्चना करने पहुंचता रहा […]

Spread the love
Read More