Mukul Rohatgi

Analysis

व्यवस्था को दूषित करती बाबाओं की धूर्तता!

संतजन ईश्वर के रत्न होते हैं, बताया था दो सदियों पूर्व लंदन में पादरी मैथ्यू हैनरी ने। मगर इसे अधिक स्पष्ट बताया अपने विपर्यात्मक उक्तियों के लिए प्रसिद्ध लेखक आस्कर वाइल्ड ने। वे बोले हर : “पापी का भविष्य होता है, तो हर साधुओं का भूतकाल।” भारत में आज लगता है ज्यादातर धार्मिक बाबाओं का […]

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