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योगी के बजट से 2027 की बिसात, आंकड़ों के सहारे सियासी दांव

उत्तर प्रदेश सरकार का 2026-27 का बजट केवल अगले वित्त वर्ष की आय-व्यय योजना नहीं है, बल्कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव की सबसे ठोस राजनीतिक पटकथा के रूप में देखा जा रहा है। 9 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये के इस बजट के जरिए सरकार ने यह साफ संकेत दिया है कि वह […]

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ब्राह्मण-दलित-पिछड़ों को लड़ा बीजेपी से हारी बाजी जीतना चाहता है विपक्ष

उत्तर प्रदेश की राजनीति में हिन्दुत्व की लहर ने योगी सरकार और भारतीय जनता पार्टी को ऐसी मजबूत नींव दे दी है कि विपक्षी दल अब हताशा के दौर से गुजर रहे हैं। प्रदेश में भाजपा समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी जैसे दलों के मुकाबले अभेद्य किले की तरह खड़ी नजर आ रही […]

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समर्थ गुरु रामदास नवमी आज : भक्ति-शक्ति और स्वराज के प्रेरणास्रोत संत की पुण्यतिथि

राजेन्द्र गुप्ता समर्थ रामदास स्वामी (1608-1681) एक महान आध्यात्मिक व्यक्तित्व, कवि-संत और समाज सुधारक थे। भगवान राम और भगवान हनुमान के कट्टर भक्त , उन्होंने अपना जीवन लोगों में आध्यात्मिक शक्ति, आत्म-अनुशासन और नैतिक साहस को जागृत करने के लिए समर्पित कर दिया।उन्हें व्यापक रूप से इस रूप में सम्मानित किया जाता है। दासबोध के लेखक-एक गहन आध्यात्मिक […]

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बीस साल बाद फिर मायावती का दलित-ब्राह्मण-मुस्लिम गठजोड़ फार्मूला

उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी करीब 15 सालों से सत्ता से बाहर है। 2007 से 2012 तक सत्ता में रही बसपा को पिछले तीन विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है। इस दौरान तीन लोकसभा चुनाव में भी बसपा का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। इसके बाद से बसपा सुप्रीमो मायावती के बारे […]

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समुद्र में जन्मे इंसान: इंसानी सीमाओं को चुनौती देता बजाऊ समुदाय!

रंजन कुमार सिंह जब इंसान की ज़िंदगी ज़मीन पर टिकी हो, तब समुद्र उसके लिए सिर्फ़ एक संसाधन होता है। लेकिन दक्षिण-पूर्व एशिया में एक ऐसा समुदाय भी है जिसके लिए समुद्र ही घर, रास्ता और रोज़ी-रोटी है। इन्हें दुनिया बजाऊ (Bajau) या समुद्री इंसान के नाम से जानती है। समुद्र के खानाबदोश बजाऊ लोग […]

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रील से राष्ट्र-निर्माण: युवा भविष्य को किस दिशा में ले जा रहा बजट 2026

डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार) केंद्रीय बजट 2026 ने भारत की युवा नीति, शिक्षा प्रणाली और कौशल विकास की दिशा को लेकर एक आवश्यक और स्वस्थ बहस को जन्म दिया है। स्कूलों और कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब्स की घोषणा, एनीमेशन, गेमिंग और डिजिटल मीडिया जैसे उभरते क्षेत्रों में ट्रेनिंग, तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप-टेक […]

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समानता की तलाश में ब्राह्मण समाज

भारतीय समाज की जातिगत संरचना सदियों से बहस और टकराव का विषय रही है। अक्सर यह धारणा प्रचलित रही कि ब्राह्मण समाज विशेषाधिकारों से संपन्न रहा, लेकिन इतिहास का एक पक्ष यह भी है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ब्राह्मण समाज के भीतर यह भावना गहराती जा रही है कि वह युगों से […]

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शोक से पहले शपथ: सत्ता की यह कैसी हड़बड़ी?

महाराष्ट्र की राजनीति ने एक बार फिर दिखाया है कि यहाँ सत्ता को विराम नहीं चाहिए, चाहे शोक अधूरा ही क्यों न रह जाए। राजनीति में संवैधानिक प्रक्रियाएँ ज़रूरी होती हैं, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन क्या लोकतंत्र सिर्फ प्रक्रियाओं से चलता है, या फिर संवेदनाओं से भी? अजीत पवार की मृत्यु के मात्र […]

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आज लाला लाजपत राय जयंती: पंजाब केसरी के बलिदान ने हिला दी थी ब्रिटिश हुकूमत

हर वर्ष 28 जनवरी को देश अपने महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती श्रद्धा और गर्व के साथ मनाता है। ‘लाल-बाल-पाल’ की ऐतिहासिक त्रयी के प्रमुख स्तंभ रहे लालाजी ने अपने साहस, लेखनी और बलिदान से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों के विरुद्ध उनकी गर्जना आज भी […]

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2027 नहीं, असली इम्तिहान 2029 है

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ को लेकर बार-बार जो आशंकाएँ खड़ी की जा रही हैं, वे फिलहाल अतिशयोक्ति अधिक और यथार्थ कम हैं। तमाम षड्यंत्रों, विरोध और शोर-शराबे के बावजूद 2027 में उत्तर प्रदेश में उनका बहुमत से लौटना लगभग तय दिखाई देता है। लेकिन यदि सच में कहीं कोई चिंता है, तो वह 2029 की लोकसभा […]

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