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शोक से पहले शपथ: सत्ता की यह कैसी हड़बड़ी?

महाराष्ट्र की राजनीति ने एक बार फिर दिखाया है कि यहाँ सत्ता को विराम नहीं चाहिए, चाहे शोक अधूरा ही क्यों न रह जाए। राजनीति में संवैधानिक प्रक्रियाएँ ज़रूरी होती हैं, इसमें कोई दो राय नहीं, लेकिन क्या लोकतंत्र सिर्फ प्रक्रियाओं से चलता है, या फिर संवेदनाओं से भी? अजीत पवार की मृत्यु के मात्र […]

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