श्राद्ध कर्म में इन नियमों का रखें ध्यान, जानिए कुछ खास मान्यताएं

Pitru Paksha 2026

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष को सनातन परंपरा में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है। इन दिनों लोग अपने पितरों के निमित्त तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान जैसे धार्मिक कर्म करते हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से किए गए इन कर्मों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्राद्ध के दौरान भोजन, ब्राह्मण भोज और दान से जुड़े भी कई पारंपरिक नियम बताए गए हैं।

दोपहर में श्राद्ध करना माना जाता है शुभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्राद्ध कर्म के लिए दोपहर का समय उपयुक्त माना जाता है। इसे घर की भूमि या किसी पवित्र स्थान पर श्रद्धापूर्वक किया जा सकता है। श्राद्ध के भोजन में गाय का दूध, घी और दही जैसी सात्विक सामग्री का इस्तेमाल करने की परंपरा है। इसके अलावा तिल और तुलसी का प्रयोग भी महत्वपूर्ण माना गया है। कई परंपराओं में श्राद्ध के दौरान चांदी के बर्तनों के इस्तेमाल और उनके दान को भी शुभ बताया गया है।

ये भी पढें

यूपी पुलिस के बेड़े में शामिल हुए 87 नए इंटरसेप्टर वाहन

ब्राह्मण भोज का बताया गया है विशेष महत्व

श्राद्ध कर्म में ब्राह्मण को भोजन कराने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मान्यता के अनुसार श्राद्ध के लिए ब्राह्मण को एक दिन पहले ही भोजन का निमंत्रण देना चाहिए। परिवार की परंपरा और पूर्वज की स्थिति के अनुसार ब्राह्मण या ब्राह्मण की पत्नी को भोजन कराने की मान्यता बताई जाती है। भोजन परोसते समय सम्मान और श्रद्धा का भाव रखने की सलाह दी जाती है। ब्राह्मण को उचित आसन पर बैठाकर भोजन कराने और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दक्षिणा, वस्त्र आदि देने की परंपरा भी है।

In Bhagwat Brahm Bhoj, 501 Brahmins were given prasad banquet, body  clothes, water pot and dakshina.

गाय, कौआ और कुत्ते के लिए भी निकालें भोजन

श्राद्ध के दिन तैयार किए गए भोजन में से अलग-अलग जीवों के लिए अंश निकालने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं में गाय, कौआ, कुत्ता, देवता और चींटियों के निमित्त भोजन निकालने का उल्लेख मिलता है। कौए और कुत्ते के लिए निकाला गया भोजन उन्हें ही खिलाने की परंपरा है, जबकि अन्य अंश को परंपरा के अनुसार गाय को खिलाया जा सकता है।

ये भी पढें

‘डोंट बी शाय’ का ग्लोबल जलवा, Prime Video की टॉप 10 में एंट्री!

परिवार और जरूरतमंदों का रखें ध्यान

मान्यता है कि ब्राह्मण भोज के बाद ही परिवार के अन्य सदस्यों को भोजन करना चाहिए। इसके साथ ही अपने निकट संबंधियों, विशेष रूप से बहन, जमाई और भांजे को भोजन कराने की परंपरा भी कुछ धार्मिक मान्यताओं में बताई गई है। श्राद्ध के दिन घर पर कोई जरूरतमंद या भिखारी आए तो उसे सम्मानपूर्वक भोजन कराने की भी सलाह दी जाती है।

श्राद्ध के भोजन में इन चीजों का करें इस्तेमाल

श्राद्ध के भोजन में जौ, मटर, कांगनी और तिल का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से शुभ माना गया है। खास तौर पर तिल को श्राद्ध कर्म में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। मान्यता है कि तिल के प्रयोग से श्राद्ध कर्म की पवित्रता बनी रहती है। इसी तरह कुशा का उपयोग भी श्राद्ध से जुड़े धार्मिक कर्मों में विशेष महत्व रखता है।

नया लुक के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें  

Google Play Store: https://play.google.com/store/apps/details?id=com.app.nayalooknews

ये भी पढें

यूपी पुलिस के बेड़े में शामिल हुए 87 नए इंटरसेप्टर वाहन

गांधी-शास्त्री जयंती पर बच्चों ने पेश की शानदार प्रस्तुतियां

राज्यसभा में सपा के दो पत्ते खुले, तीसरी सीट ने बढ़ाई बेचैनी

 

 

Spread the love

2 thoughts on “श्राद्ध कर्म में इन नियमों का रखें ध्यान, जानिए कुछ खास मान्यताएं”

Comments are closed.

homeslider Uttar Pradesh

CM योगी ने वीर पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित

वीरता पदक से अलंकृत किया पुलिसकर्मियों को, शहीद निरीक्षक सुनील कुमार की पत्नी को किया सम्मानित यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक प्रकाश सिंह की पुस्तक ‘संघर्ष’ का विमोचन भी किया मुख्यमंत्री ने Lucknow:   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अदम्य साहस, शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन करने वाले पुलिसकर्मियों को वीरता पदक प्रदान कर उन्हें […]

Spread the love
Read More
Jitiya Vrat 2026
homeslider Religion

जितिया व्रत 3 अक्टूबर को, जानिये क्या लगती है पूजन सामग्री

Jitiya Vrat 2026: संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना से माताएं जितिया व्रत रखती हैं। हिंदू धर्म में इस व्रत को बेहद कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें महिलाएं लंबे समय तक निर्जला उपवास करती हैं। इस साल जितिया व्रत तीन अक्टूबर 2026 को रखा जाएगा। व्रत को लेकर घरों […]

Spread the love
Read More
Lucknow
homeslider Uttar Pradesh

यूपी पुलिस के बेड़े में शामिल हुए 87 नए इंटरसेप्टर वाहन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 चार-पहिया और 62 दो-पहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना प्रदेश में अब 35 चार-पहिया और 137 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहन, यातायात नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई आठ माह में सड़क दुर्घटनाओं में सात और मृतकों की संख्या में आठ प्रतिशत की कमी 75 जिलों के 700 सर्वाधिक दुर्घटना-बाहुल्य […]

Spread the love
Read More